केदारताल ट्रैक पर एवलांच में दफन हुए नेपाली पोर्टर का शव बृहस्पतिवार को मिल गया है। ट्रैकिंग एजेंसी की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर पोर्टर के शव को एवलांच से निकालकर गंगोत्री पहुंचाया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लाया जा रहा है।
बता दें कि बीते रविवार को इंडिया हाइक ग्रुप का 41 सदस्यीय पर्यटक दल केदारताल की ट्रैकिंग पर गया था। इस दौरान मौसम खराब होने के कारण वे भुजखर्क में ही रुके रहे। मंगलवार को मौसम ज्यादा बिगड़ने पर जब वे वापस लौट रहे थे तो रास्ते में एवलांच आने पर दल में शामिल एक पोर्टर इसमें दब गया था। तब गंगोत्री से गई रेस्क्यू टीम ने शेष पर्यटकों को सुरक्षित गंगोत्री पहुंचाया था। बुधवार को भी खराब मौसम के चलते रेस्क्यू अभियान नहीं चल पाया था। बृहस्पतिवार सुबह साढ़े सात बजे ट्रैकिंग एजेंसी की 36 सदस्यीय रेस्क्यू टीम भुजखर्क की ओर रवाना हुई। यहां एवलांच में दबे पोर्टर का शव तलाश कर उसे गंगोत्री लाया गया।
गंगो त्री में तैनात यात्रा मजिस्ट्रेट चक्रधर सेमवाल ने बताया कि एवलांच में दबे नेपाली मूल के पोर्टर आकाश(32 वर्ष) का परिवार कंडीसौड़ टिहरी में निवास करता है। हादसे की सूचना मिलने पर मृतक की मांभी गंगोत्री धाम पहुंच गई थी। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भाज दिया गया है। ट्रैकिंग दल के साथ गए गाइड मुकेश पंवार ने बताया कि खराब मौसम में एवलांच आने के कारण यह हादसा हुआ था।
दल में शामिल सभी पर्यटकों एवं अन्य पोर्टरों को मंगलवार देर रात ही सुरक्षित निकाल लिया गया था। गंगोत्री नेशनल पार्क के उपनिदेशक श्रवण कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को मौसम खुलने पर अब गोमुख आदि उच्च हिमालयी ट्रैक पर पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो गई है। हालांकि मौसम के मिजाज को देखते हुए गोमुख की ओर पूर्वाह्न 11 बजे तक ही पर्यटकों को जाने की अनुमति दी जा रही है।