बारिश से टिहरी जिले में 9 सड़कें बाधित, मलबा-बोल्डर बने मुसीबत
टिहरी जिले में बीती रात से हो रही झमाझम बारिश के चलते मलबा और बोल्डर गिरने से नौ ग्रामीण संपर्क मोटर मार्ग यातायात के लिए बाधित हो गए हैं। इससे कई गांवों में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि बाधित सड़कों को खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। बारिश से रायपुर-कुमाल्डा-कद्दूखाल, घुत्तू-गंगी, गुल्लर-भगवासेरा, गुल्लर-नाई माथियाली, नरेंद्रनगर-रानीपोखरी, देवप्रयाग-गाजा-जाजल, लालपुल-भुत्सी, रानीचौरी-नकोट और दिवाड़ा-बांगोली-राजराजेश्वरी मंदिर ग्रामीण मोटर मार्ग यातायात के लिए बाधित चल रहे हैं। विभागीय टीमों की ओर से मार्गों को खोलने का कार्य किया जा रहा है।
केदारनाथ हाईवे कुंड के पास बंद, मलबा हटाने में जुटी मशीनें
लगातार हो रही बारिश के कारण मंगलवार सुबह केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग दो स्थानों पर बाधित हो गया। कुंड-काकड़ा गाड़ के बीच पहाड़ी से भारी बोल्डर और मलबा आने से यातायात बाधित है। वहीं सिरोहबगड़ भी सोमवार देर रात मलबा आने से बंद हुआ, जिसे रात में ही खोल दिया गया। वहीं गौरीकुंड मुनकटिया के पास भी मलबा आने की सूचना है। जिन्हें मशीन के जरिए साफ किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडेय ने बताया कि काकड़ा गाड़ के पास भारी बोल्डर गिरने से मार्ग बंद है। मार्ग खोलने के लिए दोनों ओर से जेसीबी लगाई गई हैं, जबकि मलबा अधिक होने पर अगस्त्यमुनि से एक एक्सकेवेटर भी मौके पर भेजा गया है। विभाग ने यहां मार्ग को सुबह 11:55 बजे तक खोलने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि गुप्तकाशी के पास भी मार्ग बाधित हुआ, जहां जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर यातायात बहाल करने का कार्य किया गया। वहीं मुंकटिया क्षेत्र में भी पत्थर गिरने की सूचना मिली है। मौके पर एक एक्सकेवेटर और दो जेसीबी तैनात हैं। क्षेत्र में नेटवर्क बाधित होने के कारण वहां की स्थिति की पुष्टि की जा रही है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि इसके अलावा सभी राष्ट्रीय राजमार्ग खुले हैं। उन्होंने यात्रियों से मौसम को देखते हुए केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।