केदार घाटी में तेज बारिश के चलते शनिवार सुबह छह से आठ बजे तक केदारनाथ के यात्रियों को विभिन्न पड़ावों पर ही रोक दिया गया।
हालांकि दस बजे के आसपास यात्रियों के जत्थों को धाम के लिए रवाना कर दिया गया। बाद में सोनप्रयाग से दस बजे के बाद पैदल मार्ग से यात्रियों को आगे नहीं जाने दिया गया। अन्य दिनों में भी दिन में 12 बजे के बाद यहां से यात्रियों के केदारनाथ जाने पर रोक है।
शनिवार को तड़के सवा तीन बजे से शुरू हुई तेज बारिश के चलते यात्रियों को सुबह छह से आठ बजे तक गुप्तकाशी, फाटा, सोनप्रयाग और गौरीकुंड में ही रुकने को कहा गया। इसके बाद बारिश हल्की होने पर यात्रा शुरू हो गई। इस दौरान सुबह 10 बजे तक सोनप्रयाग से 996 यात्रियों ने गौरीकुंड पैदल रास्ते से धाम के लिए प्रस्थान किया।
सोनप्रयाग के सेक्टर मजिस्ट्रेट वाईएस नेगी ने बताया कि पैदल रास्ते पर कई स्थानों पर पत्थर गिरने की सूचना के चलते यात्रियों को पड़ावों पर सुबह दो घंटे के लिए रोका गया। सुरक्षा और मौसम के मिजाज को देखते हुए सुबह 10 बजे के बाद यात्रियों को सोनप्रयाग में ही रोक दिया गया था।
गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच पैदल रास्ते पर यात्रा चलती रही। बारिश के चलते गुप्तकाशी के नाला, नारायणकोटी, मैखंडा, फाटा, शेरसी हेलीपैड से केदारनाथ के लिए संचालित आठ हेली कंपनियों की हेलीकाप्टर सेवाएं भी दिनभर प्रभावित होती रहीं। बारिश के कारण जहां हेलीकाप्टर सेवाएं सुबह दो घंटे देर से 8.30 बजे से शुरू हुई, वहीं दोपहर में केदारघाटी में घनी धुंध छाने से सेवा को रोक दिया।
चारधाम के यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह
रविवार को भी कई इलाकों में बारिश के आसार है। इसे देखते हुए चारधाम यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कुमाऊं के इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है।