बीते एक माह में 16,000 से अधिक पशुओं की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है, जिमसें पूर्णतः स्वस्थ पशुओं को ही जनपद में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। तत्काल प्रभाव से यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त पशु चिकित्सकों की तैनाती कर दी गई है।
वर्तमान में कुछ पशुओं में दस्त जैसे तीव्र लक्षण देखे गये हैं, जो गंभीर समस्या है। इस समस्या के निरीक्षण और उपचार के लिए राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र, हिसार से विशेषज्ञों की तीन सदस्यीय चिकित्सकीय दल जांच में जुट गया है।