केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर बारिश के बाद मलबा और पत्थर आने से यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने सुबह तीन घंटे तक यात्रियों को आगे बढ़ने से रोके रखा। मार्ग खुलने के बाद सुरक्षा कर्मियों की निगरानी में आवाजाही दोबारा शुरू कराई गई।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा में मलबा और पत्थर आने से शनिवार सुबह छह से नौ बजे तक यात्रियों की आवाजाही रोकनी पड़ी। सुरक्षा के मद्देनजर गौरीकुंड और सोनप्रयाग में यात्रियों को रोका गया। सुबह नौ बजे मार्ग खुलने के बाद आवाजाही सुचारु करा दी गई।
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बीते दिन हुई तेज बारिश के बाद रात में चीरबासा में मलबा आने से पैदल मार्ग अवरुद्ध हो गया था। सुबह मार्ग की स्थिति का जायजा लेने के बाद प्रशासन ने यात्रियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। मार्ग खुलने पर केदारनाथ से लौट रहे और धाम की ओर जा रहे यात्रियों को सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में चीरबासा के संवेदनशील हिस्से से आर-पार कराया गया।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने चीरबासा सहित पूरे पैदल मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों का विस्तृत आकलन किया जाएगा। सोनप्रयाग कोतवाली प्रभारी सुरेश चंद्र बलूनी ने बताया कि मार्ग खुलने के बाद यात्रियों की आवाजाही शुरू करा दी गई।