विदित हो कि वर्ष 2018 में हेली टिकट ब्लैकमेलिंग को लेकर हेरीटेज एवीऐशन और एक टेवल्स एजेंसी के खिलाफ मामला सोनप्रयाग थाने में दर्ज हुआ था। पुलिस विवेचना में रोहित माथुर की ट्रेवल्स एजेंसी से टिकट ब्लैकमेलिंग को लेकर संलिप्तता पाई गई।
इस पर पुलिस द्वारा कोर्ट से समन भेजा गया, जिस पर रोहित माथुर के द्वारा जमानत के लिए याचिका दायर की गई थी। जिसे मुंसीफ मजिस्ट्रेट ऊखीमठ की अदालत ने खारिज करते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी व 420 में दोषी मानते हुए 14 दिन की न्याययिक अभिरक्षा में पुरसाड़ी जेल भेजने के आदेश दिए थे।
मामले में बीते 21 फरवरी को माथुर के अधिवक्ता द्वारा जिला कोर्ट में जमानत को लेकर याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई के बाद उसे जमानत मिल गई है।