देवभूमि में आइए और अपने पूर्वजों की याद में स्मृति वन बनाने में योगदान कीजिए। पर्यटन विभाग का यह संदेश तीर्थयात्रियों के लिए है। केदारनाथ आपदा की बरसी पर रविवार को स्मृति वन की अनूठी योजना की पर्यटन विभाग सात जिलों में शुरुआत करने जा रहा है। इस योजना में तीर्थयात्रियों को दो हजार रुपये स्मृति वन काउंटर पर जमा कराने होंगे। इसके बाद, वह अपने पूर्वजों की याद में पौधरोपण कर सकेगा।
योजना के लिए सात जिलों में जमीन का बाकायदा बंदोबस्त कर लिया गया है। तीर्थयात्रियों से पौध के लिए जो शुल्क लिया जाएगा, उसे स्वयं सहायता समूहों को दिया जाएगा। स्वयं सहायता समूह ही स्मृति वन को बनाने से लेकर उसकी देखरेख का सारा काम करेंगे। समूहों को हर हफ्ते रोपे गए पौधे की फोटो खींचकर उसे स्मृति वन के मोबाइल एप पर डाउनलोड करना होगा। दूसरी तरफ, सरकार केदारनाथ में भी स्मृति वन निर्माण की योजना पर काम कर रही है। इस संबंध में पर्यटन मंत्री ने कुछ दिन पहले ही केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल से मुलाकात की है।
स्मृति वन के लिए किस जिले में कहां भूमि
चमोली-भूमि वन पंचायत दिगोली, ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 57 निकट बाटूला, क्षेत्रफल एक हेक्टेयर, पौड़ी-भूमि गंगा वाटिका, श्रीयंत्र टापू, क्षेत्रफल 2800 स्क्वायर मीटर, देहरादून-भूमि ऋषिकेश-हरिद्वार मार्ग बाईपास, नटराज चौक से आरटीओ के दायीं ओर लाल पानी कक्ष नंबर दो, क्षेत्रफल दो हेक्टेयर, हरिद्वार-भूमि भारतीय वन प्रभाग के अंतर्गत दक्ष दीप गंगा वाटिका, क्षेत्रफल दो हेक्टेयर, उत्तरकाशी-भूमि द्वारी हार्टीकल्चर फार्म, भटवारी चौक, क्षेत्रफल डेढ़ हेक्टेयर, रुद्रप्रयाग-भूमि रतूड़ा, रुद्रप्रयाग से बद्रीनाथ मार्ग पर।