फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kedarnath: आपदा सचिव ने किया प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण, पैदल यात्रा को 15 दिन में शुरू करने की तैयारी

Mon, 05 Aug 2024 08:43 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग

सार

सचिव आपदा प्रबंधन ने कहा कि रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग को सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच पुनर्स्थापित करने के लिए प्राथमिकता से योजना तैयार कर काम शुरू करने को कहा।
विज्ञापन
केदारनाथ में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शासन के बड़े अफसरों ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए 15 दिन में जिला प्रशासन व विभागीय अधिकारियों से केदारनाथ यात्रा को पुन: शुरू करने के लिए सुझाव मांगे हैं। साथ ही पुनर्निर्माण कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर दो दिन के भीतर कार्य शुरू करने को कहा।

विज्ञापन


उन्होंने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रभावित हिस्सों के पुनर्निर्माण के लिए प्रत्येक साइट पर एक-एक सहायक व कनिष्क अभियंता की तैनाती के निर्देश भी दिए। सोमवार को आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन, लोनिवि सचिव पंकज पांडे, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे, लोनिवि के मुख्य अभियंता दयानंद ने केदारघाटी के प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय और हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।

उन्होंने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग को सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच पुनर्स्थापित करने के लिए प्राथमिकता से योजना तैयार कर काम शुरू करने को कहा। साथ ही पैदल यात्रा को 15 दिन में सुचारू करने के लिए विभागीय अधिकारियों से सुझाव मांगे। कहा, जो पुनर्निर्माण कार्य जरूरी हैं, उनका प्रस्ताव तैयार करते हुए दो-तीन दिन में कार्य शुरू करें।
विज्ञापन


Uttarakhand: उत्तराखंड में AI मिशन...सीएम धामी ने की सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की घोषणा

लोनिवि के सचिव पंकज पांडे और आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन ने संबंधित अधिकारियों को सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच अस्थायी मार्ग बनाने को कहा। साथ ही सड़क और पैदल मार्गों का त्वरित गति से कार्य के लिए अलग-अलग ठेकेदार को काम देने को कहा। कहा, पुनर्निर्माण कार्यों में भौतिक व तकनीकी पक्ष का पूरा ध्यान रखा जाए।

29 जगहों पर होना है पुनर्निर्माण
लोनिवि के अफसरों ने बताया, गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर गौरीकुंड के समीप घोड़ा पड़ाव में 15 मीटर और जंगलचट्टी में 60 मीटर रास्ता बह चुका है। दोनों स्थानों पर कार्य करना सबसे कठिन है। इसके अलावा पूरे पैदल मार्ग सहित अन्य स्थानों पर कुल 29 जगहों पर पुनर्निर्माण कार्य करना है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर ने सभी पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शासन को भेजने को कहा।

संवेदनशील जगहों पर तैनात होंगे सुरक्षा बल
डीएम डाॅ. सौरभ गहरवार और एसपी डाॅ. विशाखा अशोक भदाणे ने सड़क एवं पैदल मार्गों के बारे में जानकारी दी। साथ ही अब तक हुए रेस्क्यू व अन्य कार्याें के बारे में बताया। कहा, हाईवे और पैदल मार्ग सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती की तैयारी की जा रही है। इस मौके पर यूपीसीएल के निदेशक एमआर आर्य, पिटकुल के एमडी पीसी ध्यानी, निदेशक जीएस बुदियाल, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर रघुराज सिंह, एनडीआरएफ के कमांडेंट सुदेश द्राल, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता मुकेश परमार, एसडीम निर्भय सिंह, एनएच के ईई निर्भय सिंह आदि थे।
विज्ञापन

खतरे की जद में आया 11 केवी सब स्टेशन
अतिवृष्टि से मंदाकिनी नदी के चपेट में आने से केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव सोनप्रयाग में 11केवी सब स्टेशन भी खतरे की जद में आ गया है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने सब स्टेशन के लिए नई भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए। उन्होंने भूमि की गुणवत्ता एवं अन्य मानकों की जांच कर नए सब स्टेशन के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

पैदल मार्ग पर 10 पोल्डिंग पुल बनाए जाएंगे
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया, गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर हिमखंड जोन सहित कुल दस स्थानों पर फोल्डिंग पुल बनाए जाने हैं। भारतीय सेना के चिनूक हेलिकॉप्टर या पैदल मार्ग से संबंधित पुल निर्माण की सामग्री पहुंचाई जाएगी। इस दौरान लोनिवि के सचिव पंकज पांडे ने विभागीय अफसरों को हर साइट पर कम से कम 10 मजदूर तैनात करने और पूरे पैदल मार्ग को यथाशीघ्र दुरुस्त करने के लिए 500 मजदूर लगाने के निर्देश भी दिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें