29 जगहों पर होना है पुनर्निर्माण
लोनिवि के अफसरों ने बताया, गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर गौरीकुंड के समीप घोड़ा पड़ाव में 15 मीटर और जंगलचट्टी में 60 मीटर रास्ता बह चुका है। दोनों स्थानों पर कार्य करना सबसे कठिन है। इसके अलावा पूरे पैदल मार्ग सहित अन्य स्थानों पर कुल 29 जगहों पर पुनर्निर्माण कार्य करना है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर ने सभी पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शासन को भेजने को कहा।
संवेदनशील जगहों पर तैनात होंगे सुरक्षा बल
डीएम डाॅ. सौरभ गहरवार और एसपी डाॅ. विशाखा अशोक भदाणे ने सड़क एवं पैदल मार्गों के बारे में जानकारी दी। साथ ही अब तक हुए रेस्क्यू व अन्य कार्याें के बारे में बताया। कहा, हाईवे और पैदल मार्ग सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती की तैयारी की जा रही है। इस मौके पर यूपीसीएल के निदेशक एमआर आर्य, पिटकुल के एमडी पीसी ध्यानी, निदेशक जीएस बुदियाल, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर रघुराज सिंह, एनडीआरएफ के कमांडेंट सुदेश द्राल, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता मुकेश परमार, एसडीम निर्भय सिंह, एनएच के ईई निर्भय सिंह आदि थे।
खतरे की जद में आया 11 केवी सब स्टेशन
अतिवृष्टि से मंदाकिनी नदी के चपेट में आने से केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव सोनप्रयाग में 11केवी सब स्टेशन भी खतरे की जद में आ गया है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने सब स्टेशन के लिए नई भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए। उन्होंने भूमि की गुणवत्ता एवं अन्य मानकों की जांच कर नए सब स्टेशन के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
पैदल मार्ग पर 10 पोल्डिंग पुल बनाए जाएंगे
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया, गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर हिमखंड जोन सहित कुल दस स्थानों पर फोल्डिंग पुल बनाए जाने हैं। भारतीय सेना के चिनूक हेलिकॉप्टर या पैदल मार्ग से संबंधित पुल निर्माण की सामग्री पहुंचाई जाएगी। इस दौरान लोनिवि के सचिव पंकज पांडे ने विभागीय अफसरों को हर साइट पर कम से कम 10 मजदूर तैनात करने और पूरे पैदल मार्ग को यथाशीघ्र दुरुस्त करने के लिए 500 मजदूर लगाने के निर्देश भी दिए।