धर्मपुत्र के तौर पर उनके साथ एक साए के रूप में रहा: जयदीप
प्रेसवार्ता में भाजपा नेता व हेमवती नंदन बहुगुणा विवि श्रीनगर गढ़वाल के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष जयदीप बत्र्वाल ने कहा कि केदारनाथ की विधायक शैलारानी रावत का निधन लापरवाही के कारण हुआ। उन्हें, जिस देखरेख की जरूरत थी, वह उन्हें नहीं दी गई। साथ ही उनके आखिरी समय में मुझे उनसे मिलने नहीं दिया गया। यहां तक कि मेरे खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ की पूर्व विधायक शैलारानी रावत के ऑपरेशन की तिथि तय करने मेदांता अस्पताल गए थे, वहां चिकित्सकों से विचार-विमर्श के बाद लौटते समय जाखण पुलिस द्वारा फोन कर बताया गया कि उनके खिलाफ शिकायती पत्र मिला है। कहा कि मुझ पर धमकाने के आरोप लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आखिरी समय में मुझे शैलारानी रावत, जो मेरी अम्मा थी, मुझे उनसे मिलने नहीं दिया गया। साथ ही मुझसे उनकी चिता को मुखाग्नि देने का अधिकार भी छीना गया। कहा कि भले ही मेरा उनके साथ खून का रिश्ता नहीं था पर बीते तीन दशक तक मैं एक धर्मपुत्र के तौर पर उनके साथ एक साए के रूप में रहा हूं।
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मां ने प्यार से सबकुछ मांग लिया, बेटी तकरार में चली ...
जयदीप बत्र्वाल ने कहा कि मां ने जो कहा, एक पुत्र के तौर पर उन्होंने सभी फर्ज निभाए, पर आज उनके निधन के बाद बेटी की तकरार से आहत हैं। कहा कि मां ने प्यार में मुझसे सबकुछ मांगा, जो मैंने खुशी-खुशी दिया और आज बेटी तकरार कर रही है, जो सही नहीं है।