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चारधाम यात्रा 2019: भैयादूज पर आज इस शुभ मुहूर्त में बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट

Tue, 29 Oct 2019 05:00 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी/ रुद्रप्रयाग

सार

  • केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद 
  • 12 सौ श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन
  • बाबा के जयकारों से गूंजी केदारपुरी 
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केदारनाथ धाम के कपाट हुए बंद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भगवान आशुतोष के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के कपाट भैयादूज के पावन पर्व पर आज विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। इस मौके पर धाम में 1200 श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया।

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इस मौके पर केदारपुरी बाबा के जयकारों से गूंज उठी। भगवान केदारनाथ चल विग्रह उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर के लिए प्रस्थान करते हुए दोपहर बाद पहले पड़ाव रामपुर पहुंच गई। बाबा की डोली आज काशी-विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी में प्रवास करेगी। जबकि 31 अक्तूबर को पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान होगी। जहां श्रद्धालु छह माह तक आराध्य की पूजा-अर्चना करेंगे।

तड़के 03 बजे से मंदिर के गर्भगृह में मुख्य पुजारी केदार लिंग द्वारा पूजा-अर्चना शुरू की गई। बाबा केदार का भव्य श्रृंगार कर उन्हें भोग लगाया गया। इस मौके पर सभी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए स्वयंभू लिंग को समाधि रूप देते हुए भस्म से ढककर समाधि पूजन किया गया।
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सुबह 7 बजे बाबा की पंचमुखी भोगमूर्ति को गर्भगृह से मंदिर परिसर में लाया गया। साथ ही गर्भगृह के कपाट बंद कर दिए गए। बाबा की भोगमूर्ति को फूल-मालाओं से सजाई गई चल विग्रह उत्सव डोली में विराजमान किया गया।

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रात्रि प्रवास के लिए पहले पड़ाव रामपुर पहुंची डोली

इस मौके पर मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए। इसके बाद सभी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए सुबह 8.30 बजे केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।

पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह, उप जिलाधिकारी वरुण अग्रवाल, उप जिलाधिकारी सुधीर कुमार, पुलिस उपाधीक्षक दीपक सिंह, 10 जम्मू-कश्मीर लाईट इनफैंटरी के द्वितीय कमान अधिकारी कैप्टन कारज सिंह संधू, चौकी प्रभारी मंजुल रावत की मौजूदगी में कपाट पर ताला लगाकर उसे सील करने के बाद चाबी प्रशासन को सौंपी गई। बाबा केदार की चल विग्रह डोली ने केदारनाथ मंदिर की तीन परिक्रमा के बाद सेना की बैंड धुनों के साथ अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया।

इस मौके पर मंदिर समिति के लेखाकार आरसी तिवारी, मंदिर सुपरवाइजर युद्धवीर पुष्पवान, प्रबंधक अरविंद शुक्ला, लोकेंद्र रिवाड़ी, मनोज शुक्ला, पारेश्वर त्रिवेदी मृत्युंजय हीरेमठ, सुदीप रावत आदि मौजूद रहे। जय बाबा केदार के जयकारों के साथ चल विग्रह उत्सव डोली 17 किमी. लंबे पैदल मार्ग के विभिन्न पड़ावों से होते हुए गौरीकुंड और सोनप्रयाग पहुंची। यहां पर भक्तों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ भव्य स्वागत किया।

दोपहर बाद डोली प्रथम पड़ाव रामपुर पहुंची। जहां पर समिति के कार्यधिकारी एनपी जमलोकी ने डोली का स्वागत किया। बताया कि 30 अक्तूबर को डोली काशी-विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी में रात्रि प्रवास करेगी। जबकि 31 अक्तूबर को बाबा केदार की डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में छह माह के लिए विराजमान होगी।
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