वही दस दिन से पुलिस मुख्यालय ने कांवड़ मेले की तैयारियों में जुटा है। तीन दिन पहले डीजीपी की अध्यक्षता में कई राज्यों के अधिकारियों की बैठक में कांवड़ मेले की तैयारियों को लेकर मंत्रणा की। इस साल पिछले साल के मुकाबले शिवभक्तों की संख्या बढ़ने का अनुमान है। इस लिहाज से केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री का रूट बदला गया है।
पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी के मुताबिक कांवड़ मेले में इस बार सुरक्षा प्रबंधों को और कड़ा किया जा रहा है। इसमें करीब 10 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इनमें छह हजार सिविल पुलिस के जवान के अलावा पीएसी की 22 कंपनियां तैनात रहेंगी।
होमगार्ड और पीआरडी के जवानों की संख्या पिछले साल के मुकाबले दोगुनी करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा शासन के माध्यम से केंद्र सरकार से पैरामिलिट्री की नौ कंपनियां मांगी गईं हैं।