जय भगवती नंदा, नंदा ऊंचा कैलाश की...के आह्वान के साथ प्रवासी उत्तराखंडियों के सामाजिक संगठन कौथिग फाउंडेशन के कौथिग महोत्सव 2019 का आगाज हो गया।
पहली सांस्कृतिक संध्या स्थानीय कलाकारों द्वारा दैणा होइया खोली का गणेश और मोरी का नारेण से शुरू हुई। इसके बाद शुरू हुए गीत संगीत के सफर में वाइस ऑफ इंडिया की नन्हीं गायिका सृष्टि रावत, उत्तराखंड से आए महेंद्र नेगी, सुरेंद्र रावत आदि गायकों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।
गायक सुरेश काला ने जैसे ही मंच पर जय भगवती नंदा, नंदा ऊंचा कैलाश की को अपने सुमधुर स्वर में गाया तो कौथिग 2019 की थीम साकार हो उठी और मैदान में बैठे हजारों दर्शक मां नंदा की भक्ति में डूब गए। कौथिग के पहले दिन की शुरुआत मां नंदादेवी राजजात की शोभायात्रा से हुई। शोभायात्रा में छलिया कलाकारों के पथ नृत्य, उत्तराखंड से आए डोल नगाड़ों रणसिंगा की गूंज से कौथिग प्रांगण गुंजायमान हो उठा। इससे पूर्व नवी मुंबई के पुलिस उपायुक्त डॉ. सुधाकर पठारे व नवी मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल कौशिक, कौथिग फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. योगेश्वर शर्मा व उद्योगपति वासुदेव सेमवाल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर कौथिग फाउंडेशन के कार्यकारी अध्यक्ष सुशील कुमार जोशी, संयोजक केशर सिंह बिष्ट, महासचिव तरुण चौहान, रूपलाल, रणजीत बिष्ट, राजेन्द्र रावत, दिनेश बिष्ट, महिपाल नेगी, मनोज भट्ट, प्रवीण ठाकुर, गोविंद आर्य, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, दीपक भट्ट, प्रकाश चंद, बलवंत पंवार लक्ष्मण नेगी, विनोद भट्ट, जसवंत बिष्ट सहित कई लोग उपस्थित थे।
मां नंदा को समर्पित है कौथिग 2019 का मंच
मुंबई कौथिग हर बार प्रवासियों को उत्तराखंड की जड़ों से जोड़ने के संदेशपरक मंच बनाने के लिए मशहूर है। पिछले 12 सालों में हर बार उत्तराखंड की संस्कृति से जुड़ा एक नया मंच सामने आता है। इस बार मां नंदा राजजात की झांकी को साकार करता मंच तैयार किया गया। कौथिग के पूरे प्रांगण को नंदा राजजात की जीवंत तस्वीरों से सजाया गया है।