शिव मंदिर सेलाकुई में चल रही श्री राम कथा के चौथे दिन कथा व्यास पंडित पंकज पुरोहित ने कहा कि प्रभु राम ने अपने जीवन में मर्यादाओं का पालन करते हुए गुरुकुल में दीक्षा ली। सभी को प्रभु राम के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनके आदर्शों पर चलने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाया। कहा कि धार्मिक संस्कृति के अनुरूप भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ। हमेशा गुरु के आदेशों का पालन करना चाहिए। राम कथा के श्रवण मात्र से जीवन का उद्धार होता है। रामकथा मनुष्य और समाज का कल्याण करने वाली है। इस मौके पर सुनील बैंजवाल, अजय खत्री, मोहन सिंह, कुंदन सिंह नेगी, सतीश खाली, मधु देवी, पूनम देवी, संगीता देवी, विनीता देवी आदि मौजूद रहे।
दूसरी ओर भूड़पुर में चांदनी चौक स्थित गौरा देवी मंदिर में चल रही राम कथा में कथा व्यास आचार्य अजय प्रकाश पोखरियाल ने कहा कि संसार में सभी लीलाएं परमात्मा ने रचाई हैं। मनुष्य जाति के उद्धार के लिए ही प्रभु बार-बार धरती पर अवतार लिए हैं। उन्होंने आदिकाल से चली आ रही परंपराओं और संस्कृति को आगे बढ़ाने की बात कही। कहा कि पश्चिमी संस्कृति को अपनाने के कारण आज समाज में पतन होता जा रहा है। इस मौके पर आचार्य महावीर प्रसाद उनियाल, वीरेंद्र सिंह चौहान, दिगंबर सिंह रावत, रामी देवी, पुष्पा चौहान, गीता सजवान आदि मौजूद रहे।