अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार का कहना है कि शोएब के आतंकी संगठन में शामिल होने की सूचना उसकी मां ने कश्मीर पुलिस को दी थी। शोएब की मां ने सोशल मीडिया पर अपने बेटे का हथियारों के साथ फोटो देखा तो उससे वापस लौटने की अपील भी की थी।
कश्मीर पुलिस ने शोएब की गुमशुदगी दर्ज की और सुरक्षा बलों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद सेना के कुछ अधिकारियों ने शोएब के घर और दून स्थित संस्थान में उसके बारे में जानकारी जुटाई थी।
इधर, सूत्रों का कहना है कि उसका पिता भी 90 के दशक में आतंकी संगठन का हिस्सा था। इसी दौरान एक ऑपरेशन के तहत कई दहशतगर्दों के साथ साथ उसके पिता को भी सुरक्षा बलों ने मार गिराया था।
शोएब अपने पिता की मौत के छह माह बाद पैदा हुआ था। बताया जा रहा है कि शोएब बीती 19 सितंबर को भी देहरादून आया था, मगर अगले ही दिन वह अपनी मां की बीमारी का बहाना बनाकर वापस चला गया था।