आज (बुधवार) कार्तिक पूर्णिमा है। इस बार कार्तिक पूर्णिमा पर कृत्तिका नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जो कि बेहद शुभ माना जाता है। इधर मंगलवार को बैकुंठ चतुर्दशी व्रत किया गया। इस मौके पर भगवान विष्णु और शिवजी का विशेष पूजन हुआ। मंदिरों में सुबह और शाम पूजन के साथ ही विशेष आरती की गई।
कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहते हैं। इसी दिन भगवान भोलेनाथ ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का अंत किया था। राक्षस के अंत के बाद महादेव की पूजा त्रिपुरारी के रूप में होने लगी।
मान्यता है कि इस दिन कृतिका नक्षत्र में भगवान भोलेनाथ के दर्शन मात्र से व्यक्ति सात जन्मों तक धनी और ज्ञानी होता है।