कार्तिक पूर्णिमा पर गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी के मूल स्थान पर अरदास की मांग को लेकर हरकी पैड़ी कूच कर रहे सिख समाज के लोगों को पुलिस और प्रशासन की टीम ने पथरी क्षेत्र के डांडी चौक पर ही रोक दिया। सिखों के जत्थे ने हरकी पैड़ी पर अरदास करने जाने से रोके जाने का विरोध किया। तहसीलदार रेखा आर्य को ज्ञापन देकर लौट गए।
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पथरी थाना क्षेत्र के ग्राम दिनारपुर से सिख समाज के लोगों का काफिला सुबह रवाना हुआ। लेकिन डांडी चौक पर पहुंचते ही तहसीलदार रेखा आर्य और पथरी थानाध्यक्ष पवन डिमरी ने टीम के साथ बैरियर लगाकर काफिले को रोक दिया। सिख समाज के लोगों ने रोकने का विरोध किया। हरकी पैड़ी तक जाने देने की मांग पर अड़ गए।
सुबा सिंह ढिल्लो, गुरपेज सिंह ने कहा कि गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी के मूल स्थान को सिख समाज को दिया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सिख समाज का संघर्ष लगातार जारी रहेगा। इस दौरान बलदेव सिंह ढिल्लो, जजपाल सिंह, प्रीत चीमा, मंजीत सिंह, जोगेंद्र सिंह, सादा सिंह चीमा, गुरनाम सिंह आदि शामिल रहे।
नजरबंद करने का लगाया आरोप
दिनारपुर में अकाली दल के प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह जग्गा की पुलिस से झड़प हो गई। जगजीत सिंह ने आरोप लगाया कि हरकी पैड़ी तक जाने से रोकने के लिए पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर दिया। ताकि वह गुरुद्वारा की मांग न उठा पाएं। उधर, पुलिस का कहना है कि उनसे बातचीत करने के लिए गए थे। लेकिन उन्होंने खुद को कमरे में बंद कर अंदर से ताला लगा लिया।