योद्धाओं की बहादुरी को किया जाता है याद
14 जुलाई को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने घुसपैठियों के खिलाफ चले ऑपरेशन विजय की सफलता का एलान किया था। 26 जुलाई को आधिकारिक तौर पर कारगिल युद्ध की समाप्ति हुई थी। इस जंग में भारतीय सैनिकों की गौरवपूर्ण जीत और देश के लिए जवानों की शहादत इतिहास के पन्नों में दर्ज होकर अमर गाथा बन गई। तभी से 26 जुलाई को हर साल कारगिल विजय दिवस मनाकर योद्धाओं की बहादुरी को याद करने के साथ ही उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।
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बलिदानी के नाम पर आज भी अधूरी है सड़क
कारगिल बलिदानी हरीश सिंह की पत्नी सावित्री देवी बताती है कि अल्मोड़ा जिले के ग्राम बेवड़ा में बलिदानी के नाम पर सड़क बनी थी, जो आज भी अधूरी है। वहीं, वीरांगना शांति सामंत बताती हैं कि पिथौरागढ़ जिले में बलिदानी गिरीश सिंह के नाम पर गांव के लिए बनी सड़क की स्थिति ठीक नहीं है।