प्रश्न : आप बातों को घुमा रहे हैं, मतलब कांग्रेस की कोई जिम्मेदारी नहीं थी?
उत्तरः पिछले नौ साल से तो केंद्र में बीजेपी की सरकार है। सात साल से राज्य में बीजेपी की सरकार है। जोशीमठ में बीते दो वर्ष से समस्या बढ़ी है, भाजपा की डबल इंजन की सरकारें बताएं, उन्होंने एक्शन क्यों नहीं लिया। ये सवाल तो बीजेपी से ही पूछा जाना चाहिए। क्यों एनटीपीसी को बिना रिपोर्ट आए क्लीन चिट दे रही है सरकार।
प्रश्न : जोशीमठ में भू-धंसाव को लेकर कांग्रेस लगातार एनटीपीसी पर आरोप लगा रही है, इसकी पुख्ता वजह क्या है?
उत्तर : हमारा सीधा आरोप है, सरकार कॉपरेट के आगे घुटने टेक चुकी है। उन्होंने बिना तकनीकी संस्थाओं की रिपोर्ट आए एनटीपीसी को क्लीन चिट दी, जबकि लोगों का मानना है कि एनटीपीसी के टनल की वजह से ही यह दिक्कतें आ रही हैं। वहां सुरंग निर्माण को लेकर अनियंत्रित तरीके से विस्फोट किए गए। रैणी आपदा के दौरान सुरंग में पानी भर गया था, सुरंग बनाने वाली मशीन आज भी वहां फंसी है। उससे भी दिक्कतें पैदा हुईं हैं।
प्रश्न : एक तरफ आप मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हैं, सुझाव देते हैं। आपके पार्टी नेता सीएम की तारीफ भी करते हैं, दूसरी तरफ आप राहुल गांधी को बुला रहे हैं।
उत्तर : बीजेपी को अपनी संकीर्ण सोच छोड़ देनी चाहिए। मुख्यमंत्री केवल भाजपा का नहीं है, उन पर सभी का अधिकार है। हमारे नेता राहुल गांधी ने आज से 15 दिन पहले भूवैज्ञानिकों को बुलाकर उनसे जोशीमठ के मुद्दे पर मंथन किया था। अब जब हम अपने नेता को बुला रहे हैं, तो भाजपा को क्यों दिक्कत हो रही है।
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प्रश्न : राहुल गांधी कब आ रहे हैं जोशीमठ?
उत्तर : 30 जनवरी को भारत जोड़ो यात्रा का समापन होगा, इसके बाद कुछ दिन वह पार्टी मुख्यालय में कामकाज देखेंगे। इसके बाद वह जोशीमठ का दौरा करेंगे। अभी तिथि निर्धारित नहीं हुई है। वह जोशीमठ ही नहीं पूरे हिमालय को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने जोशमठ के साथ अन्य दूसरी जगहों, जहां भूस्खलन, भूधंसाव जैसी दिक्कतें हैं, उन पर पीसीसी से रिपोर्ट मांगी है।
प्रश्न : जोशीमठ के मुद्दे पर कांग्रेस का स्टैंड क्या है? सरकार कहां चूक रही है?
उत्तर : कांग्रेस जोशीमठ आपदा प्रभावितों के साथ खड़ी है। सरकार को वन टाइम सेटेलमेंट करना चाहिए, जिनके घर टूटे हैं, जिनका रोजगार खत्म हो गया है, उन्हें बदरीनाथ की तर्ज पर मुआवजा देना चाहिए। टिहरी विस्थापितों की तर्ज पर मैदानी क्षेत्रों में विस्थापित करना चाहिए। इसके अलावा सरकार को जोशीमठ के अस्तित्व को बचाने के लिए भी काम करना चाहिए।