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कांवड़ मेलाः लाखों की संख्या में हरिद्वार पहुंचे कांवड़िये पर इस बार नहीं कर पाएंगे यह काम

Sun, 29 Jul 2018 11:37 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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kanwar yatra 2018 - फोटो : amar ujala
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सावन मास का कांवड़ मेला शनिवार आज से से विधिवत प्रारंभ हो गया है, लेकिन इस बार कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होगा।
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मेले शुरू होने से एक दिन दूसरे राज्यों से लाखों की संख्या में कांवड़िये शहर में पहुंच गए हैं। प्रशासन का दावा है कि मेला सकुशल संपन्न कराने के लिए पुख्ता व्यवस्थाओं एवं सुरक्षा इंतजाम कर लिये गए हैं। मेला क्षेत्र को सात सुपर जोन, 26 जोन तथा 102 सेक्टरों में विभाजित किया है। सभी मजिस्ट्रेटों तथा सात हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों और अद्धसैनिक बलों ने शुक्रवार शाम से ही अपनी ड्यूटी संभाल ली। 

उत्तर भारत की सबसे बड़ी अध्यात्मिक यात्राओं में शामिल कांवड़ यात्रा जहां अपने अध्यात्मिक महत्व के लिए खासी महत्व रखती है, वहीं व्यवस्थाओं और सुरक्षा के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण भी है। सावन मास शुरू होने के एक सप्ताह पहले भारी तादाद में कांवड़ यात्री हरकी पैड़ी हरिद्वार पहुंचना शुरू हो चुके हैं। शुक्रवार को लाखों की तादाद में कांवड़िये गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार पहुंचे। इस बार कांवड़िये तेज डीजे बजा पाएंगे और कावड़ अधिक ऊंची नहीं रख पाएगें।
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तेज आवाज में नहीं बजेगा डीजे

kanwar yatra 2018 - फोटो : amar ujala
मान्यता है कि हरकी पैड़ी से गंगाजल ले जाकर सावन के महीने में अपने मान्य शिवालय में भगवान भोले शंकर का जलाभिषेक करने से मन्नत अवश्य पूरी होती है। जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि प्रशासन कांवड़ियों का हरिद्वार में स्वागत करने को तत्पर है। उन्होंने कांवड़ियों और जनता से भी मेला सकुशल संपन्न कराने में मदद की अपील की है।             

प्रशासन का अनुमान है कि इस बार यात्रा में ढाई करोड़ से ज्यादा कांवड़िये हरिद्वार पहुंचेंगे। इतनी बड़ी संख्या में कांवड़ियों के पहुंचने से शहर में यातायात समेत अन्य व्यवस्थाएं संभालना बड़ी चुनौती रहेगी। प्रशासन ने तीन स्तरीय यातायात प्लान बनाया है जिसे आवश्यकता और परिस्थिति के हिसाब से लागू करने की योजना है। 

प्रशासन ने तेज आवाज में डीजे बजाने और  छह फुट से ऊंची कांवड़ लाने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इससे पहले डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध था, लेकिन यूपी सरकार के अनुमति देने और स्थानीय विधायकों की मांग पर सरकार ने इस बार राहत दी है। ऊंची कांवड़ को लेकर भी मानक तय कर 6 फीट अधिकतम सीमा कर दी गई है। 
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आस्था के पथ पर सजने लगे सेवा के दरबार

kanwar yatra - फोटो : amar ujala
हरिद्वार में कांवड़ मेला के शुभारंभ के साथ ही आस्था के पथ पर सेवा के दरबार भी सजने लगे हैं। शनिवार की रात से ज्वालापुर में कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ होगा। कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ सेवा शिविरों की भी अलग ही महत्ता है। मान्यता है कि तमाम कष्ट उठाकर भगवान भोले शंकर की कांवड़ चढ़ाने जाने वाले शिवभक्तों की सेवा करना भी परम पुण्य का काम है। इससे प्रेरित होकर कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह सेवा शिविर लगाए जाते हैं।

स्थानीय लोगों के साथ दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, हरियाणा, पंजाब आदि प्रदेशों से लोग शिविर लगाने यहां पहुंचते हैं। ज्वालापुर में पुल जटवाड़ा के पास पिछले 34 सालों से कांवड़ियों की सेवा कर रहे कांवड़ सेवादल सेवा समिति सीतापुर के पदाधिकारियों ने इस बार भी बड़े पैमाने पर कांवड़ सेवा शिविर के आयोजन का निर्णय लिया है। पुल जटवाड़ा के पास लगाए जा रहे सेवा शिविर का शुभारंभ शनिवार की रात करीब आठ बजे शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक करेंगे। 
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