पांच दिनों (एक से पांच अगस्त) के पंचक बुधवार शाम से समाप्त हो गए। बावजूद इसके दिनभर कांवड़ियों का सैलाब उमड़ा।
बुधवार को ट्रेनें और बसें खचाखच भरकर पहुंची। भीड़ का आलम यह है कि हरकी पैड़ी पर पांव रखने तक की जगह नहीं है। गुरुवार से शिवभक्तों की भीड़ और बढ़ेगी।
सभी कांवड़िए नहर पटरी से होकर आ-जा रहे हैं। जिसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग वाहनों के लिए पूरी तरह खुला है। अब तक कांवड़ियों की वापसी हरिद्वार-सहारनपुर मार्ग से हो रही थी। लेकिन अब चंडी घाट का रास्ता भी इनके लिए खोल दिया गया है।
एक अगस्त से शुरू हुए 12 दिनी कांवड़ मेले में इन दिनों हरियाणा, यूपी और दिल्ली के कांवड़ियों की भीड़ है। तड़के से देर शाम तक लाखों शिवभक्तों की तेज गति से वापसी हुई। इनमें महिलाओं की संख्या भी अच्छी-खासी थीं। पंचकों की समाप्ति पर अब मध्य उत्तर प्रदेश आदि से बड़ी संख्या में कांवड़ियों का आगमन होगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार बुधवार को करीब साढे़ 14 लाख कांवड़ियों ने शहर में आमद दर्ज करवाई। आठ लाख शिवभक्तों ने शिवालयों की ओर प्रस्थान किया। मंगलवार शाम तक हरिद्वार में 39 लाख 45 हजार कांवड़िए पहुंचे थे।
बुधवार शाम को यह संख्या बढ़कर 53 लाख 95 हजार पहुंची। इसके अलावा हरिद्वार में अभी तक 10025 कांवड़ वाहन पहुंचे और रवाना हुए। इनमें 2738 बड़े वाहन, 4212 छोटे वाहन और 3001 दुपहिया वाहन शामिल हैं।