कांवड़ मेले के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखने के लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। इस बार पुलिस सोशल मीडिया के जरिए पूरी यात्रा पर नजर बनाए रखेगी।
इसके लिए सोमवार को 13वीं अंतरराज्यीय एवं अंतर इकाई समन्वय बैठक आयोजित हुई। उत्तराखंड पुलिस के डीजीपी एमए गणपति की अध्यक्षता में हुई बैठक में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल पुलिस के अलावा आईटीबीपी, एसएसबी, रेलवे पुलिस बल और अभिसूचना ब्यूरो के आला अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
कहा कि कांवड़ यात्रा की व्यवस्था संभालने वाले सभी राज्यों के नोडल अधिकारी सोशल मीडिया ग्रुप से जुड़ेंगे। व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से अंतरराज्यीय बैरियरों पर संयुक्त पुलिस बल की चेकिंग, यात्रा रूट पर लगने वाले लंगरों, जाम लगने और हादसों की जानकारी शेयर करेंगे। कांवड़ियों के लाठी-डंडे लेकर चलना और सड़क किनारे डीजे बजाना प्रतिबंधित है। ग्रुप से इनकी निगरानी होगी।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो चरणों की बैठक में डीजीपी गणपति ने कहा कि कांवड़ मेले में सुरक्षा बलों को अत्यधिक सतर्क और सजग रहना पड़ेगा। कांवड़ यात्रा के सभी रूटों में संवेदनशील जगहों को चिह्नित कर अभी से पुलिस फोर्स की ड्यूटी निर्धारण कर प्रशिक्षित करने की जरूरत है। कांवड़ यात्रा के सफल संचालन के सभी राज्यों के बीच बेहतर समन्वय एवं तालमेल की आवश्यकता होगी।
इन बिंदुओं पर भी हुई चर्चा
प्रथम चरण में डीआईजी पुष्पक ज्योति और एसएसपी हरिद्वार कृष्ण कुमार ने विगत सालों में कांवड़ मेले के दौरान होने वाली व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विगत दो दशकों से प्रत्येक वर्ष कांवड़ लेने वालों की संख्या बढ़ रही है। 1985 से 1990 में 15 से 20 लाख कांवड़िये आते थे। अब इनकी संख्या सालाना करीब तीन करोड़ 24 लाख पहुंच गई है।
दूसरे चरण में अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था राम सिंह मीणा ने जघन्य अपराधों, अंतराज्यीय अपराधी गैंग, इनामी बदमाशों और फरार अपराधियों की जानकारी आला अधिकारियों के साथ शेयर की। उन्होंने कहा कि अंतरराज्यीय सीमाओं पर अपराध नियंत्रण के लिए सूचनाओं का अदान-प्रदान और थाने स्तर पर जिले की स्पेशल यूनिट की समन्वय बैठकें जरूरी हैं। बैठक में दीपम सेठ, एपी अंशुमन, पुलिस महानिरीक्षक करनाल हरियाणा सुभाष यादव, पुलिस महानिरीक्षक अभिसूचना लखनऊ उत्तर प्रदेश आरके श्रीवास्तव, पुलिस महानिरीक्षक एसएसबी रानीखेत श्रवण कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
इन बिंदुओं पर भी हुई चर्चा
-नेपाल एवं चीन से सटी सीमाओं पर केन्द्रीय पुलिस संगठनों एवं सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान, सीमा पार करने वाले वैध एवं अवैध रास्तों, वाहनों की चेकिंग
- नकली मुद्रा के आवागमन एवं परिचालन रोकने के लिए संयुक्त कार्रवाई
- तिब्बत, नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा से होने वाली तस्करी की रोकथाम
-कांवड़ मेले में लाठी डंडे लेकर चलना और डीजे बजाना होगा पूरी तरह प्रतिबंधित