पांच दिनों के पंचक आज से लग गए हैं। इन पांच दिन कांवड़ यात्रा धीमी पड़ जाती है। इस दौरान कई राज्यों के कांवड़िए लकड़ी या बांस को हाथ नहीं लगाते।
धर्मनगरी में इस समय करीब एक लाख कांवड़िए वापसी को तैयार हैं। इनकी वापसी आज दोपहर तक हो गई। आज से ही पांच दिनों के पंचक दोपहर बाद 2.57 बजे से शुरू हो गए हैं। 24
जुलाई को तीसरे पहर 3.40 बजे पंचकों की समाप्ति होगी। कई प्रदेशों के कांवड़िए पंचकों में कांवड़ नहीं उठाते।
इस कारण आज दोपहर बाद से कुछ क्षेत्रों से कांवड़ियों को आगमन कम हो जाएगा। देश के जिन भागों में पंचकों को मान्यता नहीं है, वहां से कांवड़ियों का आगमन जारी रहेगा। अब 24 जुलाई के बाद ही कांवड़ यात्रा जोर पकड़ेगी। इसी दौरान डाक कांवड़ वाहनों का आना शुरू जाएगा।
दो दिनों में अब तक करीब एक लाख कांवड़िए जल लेकर हरिद्वार छोड़ चुके हैं। लौटने वाले कांवड़ियों में अधिकांश राजस्थान, मध्यप्रदेश और हरियाणा के हैं। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा में सर्वाधिक भीड़ यूपी, दिल्ली और हरियाणा से आती है।