मंगलवार को गुरु पूर्णिमा के साथ ही उत्तर भारत की सबसे बड़ी यात्रा कांवड़ यात्रा शुरू हो गई। अगले 12 दिनों तक धर्मनगरी शिवभक्तों के बोल बम के उद्घोष से गुंजायमान रहेगी।
शासन-प्रशासन ने यात्रा की पूरी तैयारियां कर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की है। 20 जुलाई को कांवड़िये स्नान के बाद जल भरकर अपने गंतव्य के लिए रवाना होना शुरू हो जाएंगे। 21 से 25 जुलाई तक पंचक रहेंगे।
इस दौरान कम ही कांवड़िए जल भरने हरकी पैड़ी आएंगे। 26 जुलाई से यात्रा फिर जोर पकड़ेगी। मध्य प्रदेश और राजस्थान से कांवड़ियों का आगमन कई दिन पहले से शुरू हो गया है। इनकी तो वापसी भी शुरू हो चुकी है।