नगर निगम सभागार में आयोजित यूनिवर्सल रंग महोत्वस में प्रस्तुति देते कलाकार।
यूनिवर्सल सांस्कृतिक शोध नाट्य विद्यालय (मालदेवता) की ओर आयोजित चार दिवसीय रंग महोत्सव के तीसरे दिन छत्तीसगढ़ का कांसी भंगड़ा और असम का क्लासिकल नृत्य सतिया आकर्षण का केंद्र रहे। विभिन्न राज्यों की ओर से दी गई प्रस्तुति में विविधता में एकता की झलक भी दिखी। वहीं, गुजरात के मानसिक दिव्यांग बच्चों ने भी अपनी प्रस्तुति से प्रभावित किया।
नगर निगम सभागार में चल रहे रंग महोत्सव में सोमवार को सरताज डांस एकेडमी की ओर से मॉडर्न डांस की प्रस्तुति दी गई। स्टेप ऑफ डांस एकेडमी छत्तीसगढ़ ने कांसी भंगड़ा की प्रस्तुति दी, जिसमें छत्तीसगढ़ की संस्कृति के साथ पंजाबी संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिला। एकरंग चिल्ड्रंस ग्रुप के मानसिक दिव्यांग बच्चों ने गुजराती नृत्य पेश किया। सरताज एकेडमी द्वारा निर्भया कांड पर नाटक भी पेश किया गया, जिसमें समाज में संकुचित सोच रखने वाले लोगों पर कटाक्ष किया।
निर्णायक मंडल में कथक नर्तक डॉ. कुशल भट्टाचार्य (पं. बंगाल), नृत्यांगना डॉ. उमा जयश्री (आंध्र प्रदेश) शामिल रहे। इस अवसर पर यूनिवर्सल एकेडमी के अध्यक्ष अशोक तोमर, सचिव डॉ. अनुज राजपूत, संयोजक डॉ. राखी राजपूत, भाग सिंह नेगी, अनुज पंडित आदि मौजूद रहे।
नगर निगम सभागार में आयोजित यूनिवर्सल रंग महोत्वस में प्रस्तुति देते कलाकार।
नगर निगम सभागार में आयोजित यूनिवर्सल रंग महोत्वस में प्रस्तुति देते कलाकार।