शंभू की चौकी और असनाड़ी के समीप पहाड़ी दरकने से मलबा कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर आ गया। जिसके कारण सड़क करीब 11 घंटे बंद रही। सुबह 10 बजे वाहनों की आवाजाही बहाल हो सकी। जाम के कारण शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंच सके। छात्रों को लंबा इंतजार करना पड़ा। जिस पर स्थानीय लोगों ने रोष जताया है।
बीती रात करीब 11 बजे अचानक पहाड़ी दरकने से मलबा दो जगहों पर सड़क पर आ गया। सुबह छह बजे से जेसीबी मलबा हटाने में जुट गईं। देखते-देखते दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी रही। सब्जियों से लदे वाहन और रोडवेज की बस भी जाम में फंसी रही। कर्मचारी और शिक्षकों के वाहन जाम में फंसे रहे। यात्रियों को जाम खुलने का लंबा इंतजार करना पड़ा।
करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद 10 बजे वाहनों की आवाजाही बहाल हो सकी। नकदी फसलें भी समय पर मंडी नहीं पहुंच सकी। जाम में शिक्षकों के फंसे होने की वजह से कालसी और चकराता विकासखंड के कई स्कूल समय पर नहीं खुले। छात्रों को भी शिक्षकों को आने का इंतजार करना पड़ा।
स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह चौहान, भीमदत्त वर्मा, पूर्व प्रधान मोहन लाल शर्मा, सतपाल सिंह राय आदि का कहना है कि बरसात के दिनों में शिक्षकों को रोज अप-डाउन नहीं करना चाहिए। बारिश के कारण अक्सर मोटर मार्ग बंद रहते हैं। जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
एसडीएम युक्ता मिश्र ने कहा कि कालसी और चकराता विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारियों से दूरी से पहुंचाने वाले शिक्षकों की सूची मांगी जाएगी। कार्रवाई के लिए सूची को जिलाधिकारी को भेजा जाएगा।