कैलाश मानसरोवर की परिक्रमा कर लौटा दूसरा दल मंगलवार को भी गुंजी में ही रुका रहा। खराब मौसम के चलते हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाए। मौसम खुलने पर बुधवार को पांचवें दल के यात्री गुंजी जाएंगे, जबकि दूसरा दल पिथौरागढ़ लौटेगा। तीसरे दल के यात्री मानसरोवर परिक्रमा पर हैं। चौथा दल बुधवार तड़के तकलाकोट से दार्चिन रवाना होगा।
आईटीबीपी मिर्थी के कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार, दूसरे दल के 56 यात्री अभी गुंजी में ही हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र में घने कोहरे और बारिश के चलते पिथौरागढ़ से वायु सेना के हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सके। तीसरे दल के यात्रियों की मानसरोवर परिक्रमा बुधवार को पूरी हो जाएगी। चौथे दल के यात्री तकलाकोट में हैं। यात्री बुधवार सुबह तकलाकोट से दार्चिन के लिए रवाना होंगे।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में घना कोहरा छाया है, बारिश हो रही है। इसके चलते आईटीबीपी मिर्थी कंट्रोल रूम से गुंजी वार्ता करने में भी दिक्कत हो रही है। पांचवें दल के 31 यात्री मंगलवार को भी गुंजी नहीं जा पाए। यात्रियों को उम्मीद है कि बुधवार को भगवान भोलेनाथ की कृपा से मौसम खुलेगा और वह कैलाश दर्शन को आगे की यात्रा कर पाएंगे। पांचवें दल के यात्रियों को हर हाल में छह जुलाई को तकलाकोट पहुंचना है। दल के लायजनिंग अधिकारी आईए कुटप्पा विदेश मंत्रालय के लगातार संपर्क में हैं।
पिथौरागढ़ में फंसे श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर से निकालें
कुमाऊं कमिश्नर राजीव रौतेला ने पिथौरागढ़ डीएम को निर्देश दिए हैं कि केएमवीएन के गुंजी कैंप में फंसे 54 कैलाश यात्रियों को हेलीकॉप्टर से निकाला जाए। वीडियो कांफ्रेंसिंग में उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और सड़क महकमे के अधिकारियों को सड़कों को गड्डा मुक्त करने के निर्देश दिए। जहां-जहां पैरापिट और क्रैश बैरियर टूटे हैं उन्हें तुरंत दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने सिंचाई अधिकारियों से आपदा पर पैनी नजर रखने, जिला आपदा कंट्रोल रूम के साथ ही तहसील आपदा कंट्रोल रूम और बाढ़ चौकियों को 24 घंटे संचालित करने तथा चंपावत ऊधमसिंहनगर में मशीनरी को चुस्त रखने को कहा।