कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले यात्रियों की संख्या ने पिछले रिकार्ड को ध्वस्त कर दिया है। 36 सालों में इस साल सर्वाधिक 919 यात्री मानसरोवर यात्रा पर गए हैं। इस बार यूपी से यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा 1981 में शुरू हुई थी। उस वक्त तीन दलों में 59 यात्रियों ने शिरकत की थी। उसके बाद से ही अनवरत यात्रा का सिलसिला चलता रहा। यात्रा के प्रति लोगों में उत्साह बढ़ा तो दलों की संख्या में भी इजाफा होता चला गया। 1998 में यात्रा के मालपा पड़ाव में हुए भूस्खलन में 60 यात्रियों को जान गंवानी पड़ी थी।
केएमवीएन के विशेष कार्य अधिकारी पर्यटन डीके शर्मा ने बताया कि इस बार दलों की संख्या 18 तक जा पहुंची है। 1981 से अब तक 442 दलों में 15 हजार 952 यात्री मानसरोवर यात्रा पर जा चुके हैं। वर्ष 2014 में यात्रियों की संख्या सबसे ज्यादा 910 पहुंची थी।
2016 में यह संख्या 715 थी, जो इस साल बढ़कर 919 पहुंच चुकी है। यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इस साल मौसम प्रतिकूल रहने के बाद भी यात्रा अनवरत चलती रही है। बताया जा रहा है कि गुजरात में बाढ़ की वजह से वहां से कम यात्रियों ने पंजीकरण कराया है।
निगम के जीएम टीसी मर्तोलिया ने बताया कि इस साल चीन ने नाथूला दर्रे से होने वाली यात्रा को बंद कर दिया है, जिस वजह से वहां से जाने वाली यात्री भी इस रूट से यात्रा पर गए हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा के इस बार आपदा से भी प्रभावित होने की आशंका थी। मालपा और मांगती में आई आपदा में कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग भी प्रभावित है। इसके बावजूद हेलीकाप्टर से यात्रा को जारी रखा गया।