विश्व प्रसिद्ध कैलाश मानसरोवर यात्रा अगले साल से काफी आसान हो जाएगी। 21 दिन की यात्रा 16 दिन में पूरी की जा सकेगी। ऐसा धारचूला से लिपुपास तक सड़क बनने के कारण संभव हो पाएगा। हालांकि इस वर्ष यात्रियों को 21 दिन ही यात्रा करनी होगी।
केएमवीएन और विदेश मंत्रालय की संयुक्त कैलाश मानसरोवर यात्रा इस वर्ष 12 जून से शुरू हो रही है। इसके लिए करीब 250 लोगों ने पंजीकरण कराया है। केएमवीएन यात्रा की तैयारी में जुटा है। यात्रा को सरल और सुगम बनाने के प्रयास लगातार चलते रहते हैं। इस समय धारचूला से लिपुपास तक सड़क बनाई जा रही है। इसका निर्माण अगले साल तक पूरा होने की उम्मीद है।
अभी यात्रियों को 21 दिन की यात्रा करनी होती है, लेकिन सड़क बनने के बाद यात्रा में लगभग पांच दिन की कमी आएगी। 21 दिन में पूरी होने वाली यह यात्रा अगले साल से 16 दिन में पूरी हो सकेगी।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान यात्री दिल्ली, काठगोदाम, अल्मोड़ा, सेराघाट, मिर्थी, जौलजीबी, धारचूला, तवाघाट से नजंग तक वाहनों से पहुंचते हैं जबकि इसके आगे बूंदी, गुंजी, नाभी, कालापानी और नाभीढांग आदि पड़ावों पर पैदल ही पहुंचना होता है।
अब धारचूला से लिपुपास तक सड़क बन रही है। सड़क बनने के बाद यात्री लिपुपास तक वाहन से जा सकेंगे। केएमवीएन के महाप्रबंधक अशोक जोशी ने बताया कि लिपुपास तक सड़क बनने से कैलाश यात्रियों को आसानी होगी। 21 दिन की यात्रा में चार-पांच दिन की कमी आएगी। सड़क निर्माण अगले साल तक पूरा होने की उम्मीद है।