सरकारी योजनाएं किस लापरवाही से चलती हैं इसका उदाहरण है कैलाश मानसरोवर यात्रा का नजंग नाभीढांग मार्ग। बुद्धि नाभीढांग 36 किलोमीटर मार्ग तो बहुत पहले बन चुका है लेकिन नजंग बुद्धि के बीच 16 किमी मार्ग बनाया ही नहीं गया।
मार्ग नहीं होने से बुद्धि नाभीढांग मार्ग तक वाहन नहीं पहुंचाए जा सकते। इसके बावजूद केएमवीएन ने इस मार्ग पर यात्रा के लिए पांच वर्ष पूर्व 36 लाख की लागत से चार थार जीपें खरीद लीं। ये जीपें बुद्धि गर्ब्यांग नहीं पहुंच सकीं। सेना के वाहन तो हेलीकॉप्टर से पहुंच गए, लेकिन निगम ने हेलीकॉप्टर से इन जीपों को पहुंचाने का प्रयास किया तो पता चला कि इसमें 38 लाख रुपये खर्चा आएगा। फिर ईंधन पहुंचाने और रिपेयर के लिए जीप वापस लाने का खर्च कई गुना और हो जाता।
ऐसे में बगैर इन तथ्यों पर गौर किए ये जीपें क्यों खरीदी गईं इसका किसी के पास जवाब नहीं है। निगम के महाप्रबंधक अशोक जोशी ने बताया कि इतनी राशि नहीं होने से इन जीपों को नाभीढांग ले जाना संभव नहीं होने से निगम एक-एक जीप कॉर्बेट पार्क और बिनसर में चला रहा है और दो निगम मुख्यालय नैनीताल में प्रयुक्त की जा रही हैं।