kailash mansarovar yatra
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर आने वाली महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए आईटीबीपी ने बल की 15 महिला कमांडो की तैनाती की है। कैलाश यात्रा का पहला दल 13 जून की शाम आधार शिविर धारचूला पहुंचेगा। इस बीच, सोमवार को आईटीबीपी की टीम ने उच्च हिमालयी क्षेत्र गुंजी से लिपुपास तक रास्तों का जायजा लिया।
टीम ने अपनी रिपोर्ट आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मिर्थी के सेनानी महेंद्र प्रताप सिंह को सौंप दी है। उन्होंने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में रास्ते ठीक हैं। लिपुलेक पास पर अभी बर्फ जमी है। आईटीबीपी ने यात्रा मार्ग पर 15 महिला कमांडो की भी तैनाती की है। महिला कमांडो की टीम गुंजी पहुंच गई हैं। यह टीम गुंजी से लिपुलेक पास तक महिला यात्रियों के साथ चलेगी।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में महिला यात्रियों को दुर्गम रास्तों को पार कराने के साथ ही आक्सीजन, माउंटेन सिकनेस आदि समस्या आने पर टीम मदद करेगी। एक महिला यात्री के साथ दो कमांडो रहेंगी। सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि 13 जून को मिर्थी में कैलाश यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्र में आने वाली दिक्कतों तथा बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
मानसरोवर वन में होगा पौधरोपण
डीडीहाट। कैलाश मानसरोवर यात्री मानसरोवर वन में पौध रोपण करेंगे। सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि इसके लिए पौधे गुंजी पहुंचा दिए गए हैं। कुछ पौधे आईटीबीपी मिर्थी में हैं जिन्हें 13 जून को यात्रियों को सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए पूरी तैयारियां कर ली गई हैं।