जनवरी से मार्च तक उच्च हिमालयी क्षेत्र के पैदल यात्रा मार्ग पर भारी हिमपात होता है। हिमपात से कई स्थानों पर पैदल रास्ते टूट जाते हैं। आईटीबीपी की अग्रिम चौकियों पर तैनात जवानों को निर्देश दिए गए हैं कि वह हर 15 दिन में रास्तों की रिपोर्ट वाहिनी मुख्यालय को देंगे और वाहिनी मुख्यालय से यह रिपोर्ट आईटीबीपी महानिदेशालय को भेजी जाएगी।
कैलाश मानसरोवर यात्रा में यात्रियों के आवास, भोजन और यातायात की व्यवस्था कुमाऊं मंडल विकास निगम करता है। केएमवीएन के किराया बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति बन गई तो इस पर कैलाश यात्रियों को 16 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे।