कैलाश मानसरोवर यात्रा में पहली बार हेलीकाप्टर सेवा उपलब्ध रही। पहले दल को छोड़कर शेष 17 दलों के यात्रियों को मार्ग खराब होने के कारण पिथौरागढ़ से हेलीकाप्टरों से सीधे गुंजी पहुंचाया गया। हालांकि हेली सेवा पर निर्भरता के कारण यात्रियों को मौसम खराब होने पर कई- कई दिन का इंतजार भी करना पड़ा।
यात्रा रूट परिवर्तित होने से पहली बार जिला मुख्यालय को आधार शिविर बनाया गया था। इससे पहले धारचूला में ही आधार शिविर बनाया जाता था। सभी यात्रा दलों के लौटने के बाद केएमवीएन के पड़ावों पर तैनात निगम कर्मी और अन्य कर्मचारी भी लौट आए हैं। यात्रा के नोडल अधिकारी दिनेश गुरुरानी ने बताया कि यात्रा सकुशल रही