मालपा और मांगती में आई आपदा के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रियों के तिब्बत में प्रवेश की तिथियों को बदल दिया गया है। यात्रा पर जा रहे अंतिम तीन दलों को निर्धारित तिथियों के बाद तिब्बत में प्रवेश करना होगा।
इसके लिए राज्य सरकार ने हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराया है। सोमवार को 16वें दल के यात्री नाभीढांग में, 17वें दल के यात्री गुंजी में और अंतिम 18वें दल के यात्री धारचूला में थे। धारचूला से यात्रियों को हेलीकॉप्टर से गुंजी, बूंदी पहुंचाया जा रहा है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार कैलाश यात्रियों का 16वां अब चार दिन बाद, 17वां, 18वां दल तीन दिन देरी से लिपुलेख दर्रा पारकर तिब्बत में प्रवेश करेगा। आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि पहले 16वें दल को 19 अगस्त को, 17वें दल को 23 अगस्त को, 18वें दल को 27 अगस्त को तिब्बत में प्रवेश करना था लेकिन मालपा, मांगती नाला में आपदा से रास्तों के टूटने से यात्रा के समय में बदलाव कर दिया गया है।
अब 16वां दल 23 अगस्त को, 17वां दल 26 अगस्त को, 18वां दल 30 अगस्त को तिब्बत के तकलाकोट पहुंचेगा। इसके लिए चीन के विदेश मंत्रालय से वार्ता हो चुकी है। धारचूला से गूंजी, बूंदी तक यात्रियों को पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराया है। वहीं कैलाश यात्रियों का 14वां दल परिक्रमा पूरी कर लौट रहा है। इस दल के 20 यात्री बूंदी में, 13 यात्री गुंजी में, 16 यात्री डीडीहाट में, पांच यात्री पिथौरागढ़ पहुंच चुके हैं। वहीं यात्रियों का 15वां दल परिक्रमा पूरी कर तिब्बत के कुंगू में है।