कैलास मानसरोवर की यात्रा के लिए सिक्किम से नया रास्ता खोलने का हरिद्वार के कई साधु-संतों ने स्वागत किया है। धर्मज्ञों का कहना है कि वक्त के साथ नई मान्यताएं स्थापित होती रहती हैं।
पहले बदरीनाथ सहित चारधाम की यात्रा पैदल हुआ करती थी। अब सरकार खुद हेलीकाप्टर उड़ाकर बदरी-केदार पहुंच रही है और यात्रियों को भी ले जा रही है।
गंगा सभा के अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी का कहना है कि मुख्यमंत्री उस रास्ते का विरोध कर रहे हैं, जिससे लाखों श्रद्धालु वाहनों में बैठकर कैलास मानसरोवर जा सकते हैं। वृद्ध और लाचार भी मानसरोवर की यात्रा कर सकेंगे।
जूना अखाड़े के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रेम गिरि कहते हैं कि यात्राओं के नए रूट तो खुलते ही रहते हैं। शहरों का विकास होता है तो कारोबार बढ़ता है, घटता नहीं। कैलास की पैदल यात्रा में तीर्थ यात्रियों को लाटरी सिस्टम से जाना पड़ता है और भारी परेशानियां उठानी पड़ती है। नया रास्ता खुलने से अब पर्यटक भी इस अनूठी यात्रा का आनंद ले सकेंगे।