भगवान शिव के घर कैलास मानसरोवर यात्रा 12 जून से शुरू होने जा रही है। कुमाऊं मंडल विकास निगम ने यात्रा पड़ावों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी हैं। सभी पड़ावों पर रसद और राशन पहुंचा दिया गया है। उच्च हिमालयी क्षेत्र के पड़ावों में ठंड से बचाव को विशेष हट्स तैयार किए गए हैं। इस बार 18 यात्री दल आएंगे। यात्रा 12 जून से 8 सितंबर तक चलेगी। आठ सितंबर को आखिरी यात्री दल दिल्ली चला जाएगा।
कुमाऊं मंडल विकास निगम के वरिष्ठ मंडलीय प्रबंधक (साहसिक पर्यटन) डीके शर्मा ने बताया कि सभी यात्रा पड़ावों में खाद्य सामग्री भेज दी गई है और पड़ावों में स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। यात्रियों से कुमाऊं मंडल विकास निगम 35 हजार और चीन की सरकार 901 डालर लेती है, जो करीब 60 से 65 हजार रुपए के बीच होती है।
प्रत्येक यात्री दल में अधिकतम 60 यात्री होंगे। 24 दिन की यात्रा के लिए भारतीय क्षेत्र में अल्मोड़ा, धारचूला, सिर्खा, गाला, बूदी, गुंजी, नाभिढांग में पड़ाव बनाए गए हैं। यात्री चीन क्षेत्र में नौ दिन रहते हैं। नारायण आश्रम तक बस से यात्रा कराई जाती है।
इसके बाद अगले पड़ाव क्रमश: सिर्खा छह किमी, सिर्खा से गाला 14 किमी, गाला से बूदी 18 किमी, बूदी से गूंजी 19 किमी की पैदल यात्रा करनी पड़ती है। चीन क्षेत्र में नाभिढांग से तकलाकोट तक 12 किमी पैदल और 15 किमी बस यात्रा कराई जाती है। ठंड से बचाव के लिए सिर्खा, गाला, बूदी, गूंजी में एफआरपी हट्स बनाए गए हैं।