कैलास मानसरोवर यात्रियों का पहला जत्था शनिवार को अल्मोड़ा से आगे के लिए रवाना हो गया। इसके पहले शुक्रवार को जत्था कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह पहुंचा, जहां कैलास मानसरोवर यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। सुबह यात्रियों को काठगोदाम से विदा किया गया।
पहले यात्री दल में 11 महिलाओं समेत 58 यात्री शामिल हैं। सर्वाधिक 18 यात्री दिल्ली से हैं। दोपहर भोजन के बाद यात्री अल्मोड़ा रवाना हो गए, जो देर शाम अल्मोड़ा पहुंच गए। अल्मोड़ा में कैलास यात्रियों के मनोरंजन के लिए कुमाऊंनी-गढ़वाली लोकगीत और लोकनृत्य का आयोजन किया गया।
काठगोदाम टीआरसी में कुमाऊं मंडल विकास निगम के चेयरमैन किरन मंडल और महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने कैलास मानसरोवर यात्रियों का फूलमालाओं से स्वागत किया। केएमवीएन की वरिष्ठ प्रबंधक करुणा अधिकारी और बीना सुयाल ने रंगाली-पिछौड़ा पहनकर कुमाऊंनी परंपरा के साथ तिलक लगाकर स्वागत किया।
इस दौरान पूरा टीआरसी परिसर हर-हर महादेव, बम-बम भोले की गूंज से गुंजायमान हो गया। अल्मोड़ा से बुलाए गए छोलिया नर्तकों ने कई तरह के करतब दिखाकर यात्रियों को रोमांचित कर दिया और यात्री छोलिया नर्तकों के साथ झूमने लगे। पहले यात्री दल में जनसंपर्क अधिकारी आईटीबीपी के डीआईजी मनोज कुमार सिंह और कोआर्डिनेटर गिरधर सिंह मनराल हैं।
कैलास यात्रियों को परोसे गए कुमाऊंनी व्यंजन
कैलास मानसरोवर यात्रियों को कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह काठगोदाम में दोपहर का भोजन कराया गया।
दोपहर के भोजन में मिक्स सब्जी, अरहर की दाल, मटर पनीर के अलावा काले भट की चुड़कानी, बड़ी की सब्जी, कुमाऊंनी रायता (खीरा, दही में पहाड़ की राई से तैयार), बुरांश का जूस, अलग-अलग तरह के कोल्ड ड्रिंक, ग्लूकोज का पानी, छांछ आदि का भी इंतजाम किया गया था। कैलास यात्रियों ने कुमाऊंनी व्यंजनों को काफी पसंद किया और कुमाऊंनी व्यंजनों का अधिक लुत्फ उठाया।
मानसरोवर यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं
- यात्रियों के सेवा के लिए नियुक्त स्टाफ फर्स्ट एड के लिए प्रशिक्षित है।
- सभी आवास गृह उच्चीकृत, उनमें उच्चस्तरीय लीनन एवं आवासीय व्यवस्था।
- प्रत्येक दल के मनोरंजन के लिए अल्मोड़ा और गुंजी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन।
- प्रत्येक शिविर में आरामदायक लक्जरी एफआरपी हट्स स्थापित किए जा रहे हैं।
- उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित शिविरों में पोर्टेबल आक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था।
- यात्रियों की थकान मिटाने और पैरों की सेकाई के लिए गरम पानी की व्यवस्था।
- पहली बार कैलास यात्रा मार्ग पर शासन की ओर से आपदा प्रबंधन टीम की तैनाती।
आज धारचूला पहुंचेगा पहला दल
कैलास मानसरोवर यात्रियों का पहला दल शनिवार की शाम आधार शिविर धारचूला पहुंचेगा। यात्रियों के स्वागत के लिए यहां रं कम्युनिटी स्कूल और महिला मंगल दल ने व्यापक तैयारी की है।
कैलास मानसरोवर यात्रा के यात्राधिकारी डीएस बिष्ट ने बताया कि यात्रियों को कुमाऊंनी, गढ़वाली और रं संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम दिखाए जाएंगे। ताकि देश के विभिन्न हिस्सों से यहां आने वाले यात्री कुमाऊं अंचल की संस्कृति की विविधता से रूबरू हो सकें। उन्होंने बताया कि रं समाज की महिलाएं अपनी परंपरागत वेशभूषा में यात्रियों का स्वागत करेंगी।
रं कम्युनिटी स्कूल के बच्चों ने भी कई कार्यक्रम तय किए हैं। इस बीच कुमाऊं मंडल विकास निगम के सभी यात्रा पड़ावों में कर्मचारी पहुंच चुके हैं। वहां पर यात्रियों के भोजन के लिए सारा इंतजाम कर दिया गया है।
मेडिकल टीम गुंजी पहुंची
भारत तिब्बत सीमा पुलिस की मेडिकल टीम गुंजी पहुंच गई है। गुंजी से लिपुलेख दर्रे तक आईटीबीपी की मेडिकल टीम यात्रियों के साथ जाती है, जबकि गुंजी से आगे की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी आईटीबीपी के पास रहती है। आईटीबीपी की दो रेस्क्यू टीम भी मार्ग में तैनात रहेंगी। सेनानी केदार सिंह रावत ने बताया कि आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय में नियंत्रण कक्ष खुल गया है और यह काम करने लगा है।