फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश से बढ़ी आफत, बगड़ीहाट में फंसे कैलास मानसरोवर यात्री, धारचूला लौटे

Mon, 18 Jul 2016 08:41 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
विज्ञापन
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
समूचे कुमाऊं में लगातार हो रही बारिश से आफत बढ़ती जा रही है। जहां तहां सड़कें बंद हैं। भारी बारिश को देखते हुए चंपावत को छोड़कर सभी पहाड़ी और मैदानी जिलों में सरकारी और निजी स्कूलों में सोमवार को छुट्टी की घोषणा की है।
विज्ञापन


नैनीताल के मुख्य शिक्षा अधिकारी आरएल आर्य ने बताया कि जीआईसी भीमताल में मॉडल स्कूलों में चयन के लिए सोमवार को अध्यापकों की जो परीक्षा होनी थी उसे भी स्थगित कर दिया गया है। सीएम हरीश रावत को भी रविवार को लोहाघाट आना था, लेकिन खराब मौसम के चलते उनका दौरा टल गया।

डीडीहाट से मिली जानकारी के मुताबिक यात्रा पूरी कर धारचूला से 11 बजे जागेश्वर के लिए निकला कैलास यात्रियों का 37 सदस्यीय पांचवां दल रविवार को बगड़ीहाट में फंस गया। बगड़ीहाट के पास सड़क का 100 मीटर हिस्सा टूट गया है। कैलास यात्रियों के इस दल में 10 महिलाएं और 27 पुरुष हैं। शाम सात बजे तक जब सड़क नहीं खुली तो उन्हें वापस धारचूला जाना पड़ा। दल से पांच सदस्य मौसम खराब होने के कारण सुबह धारचूला में ही रुक गए थे। बता दें कि कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग तवाघाट से पांगला के बीच भी बंद पड़ा है।
विज्ञापन

 
मुनस्यारी से मिली जानकारी के मुताबिक मिलम ग्लेशियर से लौटते समय इंग्लैंड की ट्रैकर वालेरिए रिलकोट नाले में फंस गईं। नाले में कोई पुल नहीं बना है। स्थानीय लोगों ने वालेरिए को नाला पार कराया।

पिथौरागढ़ डीएम एससी सेमवाल ने सोमवार को पहली से 12वीं तक के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की है। वहीं, ऊधमसिंह नगर में पहली से 12वीं तक के सरकारी स्कूल और पांचवीं तक के निजी स्कूलों में छुट्टी रहेगी। नैनीताल डीएम दीपक रावत ने भी पहली से 12वीं तक के सभी निजी और सरकारी स्कूलों में छुट्टी घोषित की है। बागेश्वर और अल्मोड़ा में भी सोमवार को छुट्टी घोषित की गई है।

लगातार मलबा गिरने से पहाड़ की दर्जनों सड़कें बंद हैं। पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच भी बंद है। पिथौरागढ़-गंगोलीहाट मार्ग पर भूलगांव के पास पहाड़ का एक हिस्सा टूटकर रोड पर आ गया है। इस रोड पर भी आवाजाही बंद है।   टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच में चल्थी, बेलखेत, स्वांला में आवाजाही बाधित रहा।

इस हाईवे पर अमरूबैंड, सूखीढांग, सिन्याड़ी, चल्थी, बेलखेत और धौन के आसपास लगातार बोल्डर गिर  रहे हैं। अल्मोड़ा जिले की सात सड़कें मलबे से बंद हैं। मुख्य रूप से अल्मोड़ा-भवाली मार्ग अवरुद्ध होने से काफी दिक्कतें आ रही हैं। हल्द्वानी से वाहन वाया रामगढ़ होकर अल्मोड़ा पहुंच रहे हैं। वहीं, सोमेश्वर-बिंता मार्ग शनिवार से बंद है। इधर, हल्द्वानी में नैनीताल मार्ग (एनएच-87) पर गुलाबघाटी के पास मलबा आने के कारण शाम 15 मिनट के लिए यातायात बाधित रहा।

बारिश के चलते केमू सेवा भी रविवार को ठप रही। जलभराव के बाद हाइडिल कॉलोनी में रहने वाले तीन परिवारों ने घर छोड़ दिया है। रविवार को बनबसा में शारदा का जलस्तर 1 लाख 98 हजार क्यूसेक पहुंच गया। शारदा बैराज पर रेड अलर्ट घोषित कर वाहनों पर रोक लगा दिया। शारदा में अत्यधिक मलबा (गाद) आने से एनएचपीसी की पावर चैनल और शारदा नहर की जलापूर्ति शनिवार रात 3.20 बजे से रोक दी गई है। सितारगंज में रविवार को बैगुल का जलस्तर घटने के बाद बरुआबाग के नौ परिवार अपने घरों को लौट गए हैं। जबकि, झाड़ी नंबर नौ के 250 परिवारों को अभी भी शिविर में रखा गया है।

छठे दल के कैलास यात्री आज पहुंचेंगे गुंजी
यात्रा पूरी कर छठे दल के सदस्य सोमवार को गुंजी पहुंच जाएंगे। आईटीबीपी नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार आठवां दल सोमवार को लिपुलेख दर्रा पार कर तिब्बत में प्रवेश करेगा। सातवां दल रविवार को तिब्बत के डेरापुक में था। 9वें दल के सदस्यों ने सिर्खा से गाला तक का सफर किया। सिर्खा से गाला तक रास्ता कई जगह टूटा है। आईटीबीपी और एसडीआरएफ के जवानों ने यात्रियों को खतरनाक रास्तों से आगे पहुंचाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें