दुर्गम मानी जाने वाली कैलास मानसरोवर यात्रा और हज यात्रा पर जाने वाले हजारों तीर्थयात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर। अब इन यात्राओं पर सर्विस टैक्स नहीं लगेगा। लिहाजा, उन्हें यात्रा के लिए कुछ कम धनराशि चुकानी होगी।
यात्रा पैकेज में शामिल था टैक्स
इन यात्राओं पर सर्विस टैक्स का प्रावधान सात साल पहले सन् 2007 में किया गया था। अभी तक यह यात्रा संचालित करने वाले संगठन से 12.36 फीसदी की दर से वसूला जा रहा था, जिसका बोझ अंतत: यात्री पर ही पड़ता था। यह राशि उनके यात्रा पैकेज में शामिल होती थी।
नए संशोधन के संबंध में इसी 20 अगस्त को केंद्र की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई है। सर्विस टैक्स से जुड़े अधिकारी तापस चक्रवर्ती के मुताबिक द्विपक्षीय व्यवस्था के अंतर्गत केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय की तरफ से विशिष्ट संगठन द्वारा आयोजित किए जाने वाले धार्मिक तीर्थाटन को कर मुक्त किया गया है।
कैलास मानसरोवर यात्रा भारत और चीन की द्विपक्षीय व्यवस्था केतहत आयोजित होती है, इसी तरह हज यात्रा भी भारत और दुबई के बीच द्विपक्षीय व्यवस्था केतहत संचालित होती है।
केंद्रीय अवर सचिव अक्षय जोशी की तरफ से साफ किया गया है कि जिस विशिष्ट संगठन की धार्मिक तीर्थाटन से जुड़ी सेवाओं के संबंध में संशोधन है, उससे तात्पर्य कुमाऊं मंडल विकास निगम लिमिटेड (उत्तराखंड सरकार का एक उपक्रम) और हज समिति अधिनियम के तहत राज्य समिति है।