-- ज्योतिषी प्रीती राजगुरु ने कहा कि, नक्षत्र और ग्रह आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इसलिए समय पर अपने राशि ग्रह और नक्ष की पूजा करते रहना चाहिए। इससे आपके रोग कष्ट दूर होंगे।
-कामधेनु शंख विज्ञान विधि के द्वारा ज्योतिष विद्या में पारंगत ज्योतिषाचार्य सीताराम त्रिपाठी ने कहा कि, यह ज्योतिष में एक अलग तरह की और अद्भुत विधि है। इस विधि से पूरी तरह से सटीक भविष्य ज्ञान जान सकते हैं।
-भारतीय ज्योतिष संघ के अध्यक्ष अरूण बंसल ने कहा कि, गुरुत्वाकर्षण ही सभी नौ ग्रह और ज्योतिषं को बनाए हुए है। इसकी वजह से ही भूकंप जैसी घटनाएं होती हैं। अप्रैल 2018 में भूकंप की चर्चा सही नहीं है। अप्रैल में भूकंप नहीं आएगा। ग्रह और चाल के अनुसार, 2019 में भूकंप आ सकता है। अक्टूबर में अष्टमी या फिर पूर्णिमा के दिन आते हैं।
- वास्तु के महान ज्योतिष, पंडित सतीश शर्मा ने कहा कि, साउथ वेस्ट में बेडरूम नहीं होना चाहिए। यह राहु की जगह होती है। जीवन में ऊंचा उठना है तो साउथ को चुनें। ज्योतिषों को भविष्यवाणी करनी चाहिए। लेकिन लोकप्रियता के लिए नहीं बल्कि देश के भविष्य के लिए करनी चाहिए।
-पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि, उत्तराखंड में एक नव ग्रह सर्किट बना रहे हैं। ज्योतिष को टूरिरज्म से भी जोड़ा जा सकता है। कहा, भारत का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है। ज्योतिषों के मार्गदर्शन से देश विश्वगुरु बनेगा।
-कहा कि, देश पर ग्रहों की स्थिति भारी है। इस समय देश पर चंद्रमा की दशा लगी हुई है। इसलिए केवल बातों से काम नहीं चलेगा। बल्कि स्थिति को समझकर उसमें प्रयोग करने की जरूर है।
-ज्योतिषाचार्य पंडित अजय भामी ने कहा कि, देश की कुंडली के बारे में चर्चा की। कहा कि, नेता आते जाते रहते हैं, लेकिन देश की जनता को ब्लैकमेल किया जाता है। यह दुर्भाय की बात है।
-संवाद में ज्योतिषाचार्य ए के पद्मेश दुबे ने कहा कि, ज्योतिष में ऐसा नहीं किया कभी कोई भविष्यवाणी गलत न हुई हो। लेकिन इसमें निरंतर काम करने की जरूरत होती है। तभी इसके सटीक परिणाम सामने आएंगे।
- ज्योतिष संवाद में पहुंचे पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज।
-ग्राफिक एरा समुह के अध्यक्ष कमल घंसाला ने कहा कि, राज्यपाल डॉ पाल के आने के बा शिक्षा के क्षेत्र में कई बदलाव हुए हैं। उन्होंने राज्यपॉल को महापुरुष की उपाधि दी साथ ही अमर उजाला को कार्यक्रम के लिए धन्यवाद भी दिया।
- कहा कि, ज्योतिष में रिजल्ट सही सामने आते हैं। लेकिन ऐसा क्यों है इसके लिए शोध करने की जरूरत है।
-कहा कि, इसे साइंस के साथ जोड़कर देखना चाहिए। वेद हमारा सबसे पुराना लिटरेचर है। इसके लिए वेदांग पढ़ाया जाता था, जिसमें ज्योतिष भी शामिल है। ज्योतिष हमारी सभ्यता का अभिन्न अंग है।
-राज्यपाल डा के के पॉल ने कहा कि, आज हनुमान जयंती है और शुभ समय में यह कार्यक्रम प्रारंभ हुआ है। हमारी संस्कृति चार हजार साल पुरानी है। यह एक मात्र संस्कृति है जो समय के साथ आगे बढ़ रही है। विदेशियों ने इसे कई बार खत्म करने की कोशिश की। लेकिन लेकिन नहीं कर पाए।
वास्तु के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए जयपुर के प्रख्यात वास्तुविद पं. सतीश शर्मा को लाइफ टाइम अचीवेंट सम्मान से नवाजा गया।
-ज्योतिषाचार्य पंडित डा के एन राव को ज्योतिष पितामह का सम्मान दिया गया। राज्यपाल डा के के पॉल ने उन्हें सम्मानित किया। हालांकि वे किसी कारणवश कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके।
-ज्योतिषाचार्य पंडित सतीश शर्मा ने कहा कि, यह शुरुआत एक महान ज्योतिष क्रांति है। यह देश के अन्य देशों में भी फैले तो बड़ी क्रांति हो जाएगी। ज्योतिष को टेक्नीकली देखना चाहिए।
-ज्योतिषाचार्य ए के पद्मेश दुबे ने कहा कि, अमर उजाला का यह प्रयास सराहनीय है। इसके परिणाम कालदयी होंगे।
-राज्यपाल डा के के पॉल ने दीप प्रज्वलित कर शुभांरभ किया।
पिछले दो वर्षों के सफल आयोजन की कड़ी में लगातार तीसरे वर्ष अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ के आगाज की घड़ी आ गई है।
सुबह 10 बजे राज्यपाल डॉ. केके पाल दीप प्रज्ज्वलित कर ज्योतिष महाकुंभ का शुभारंभ किया। उद्घाटन सत्र के बाद ज्योतिषियों के बीच संवाद श्ाुरु हुअा। जिसमें प्रवक्ताओं ने अपने वक्तव्य रखे। साथ ही बताया कि, ज्योतिष भले ही सदियों पुरानी प्रथा है, लेकिन इसमें वक्त के साथ कैसे बदलाव किया जा सकता है।