फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chamoli: बदरीश एपल के रूप में मिलेगी ज्योतिर्मठ के सेब को नई पहचान, उत्तराखंड एप्पल फेडरेशन ने बनाई

Wed, 04 Dec 2024 02:22 PM IST
रेनू सकलानी प्रदीप भंडारी, संवाद न्यूज एजेंसी, ज्योतिर्मठ (चमोली)

सार

उत्तराखंड एपल फेडरेशन ने नई पहचान दिलाने की कवायद शुरू की है। फेडरेशन के राकेश भंडारी ने बताया कि ज्योतिर्मठ के सेब की बदरीश एपल के नाम से ब्रांडिंग करने की योजना है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चमोली जिले के ज्योतिर्मठ के सेब को अब नई पहचान मिल सकेगी। उत्तराखंड एपल फेडरेशन ने ज्योतिर्मठ के सेब को बदरीश एपल के नाम से ब्रांडिंग कर बाजार में उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। इसके लिए सेब काश्तकारों को अच्छी प्रजाति की पौध उपलब्ध कराने के साथ ही पैदावार की ग्रेडिंग भी की जाएगी।

हर्षिल और हिमाचल प्रदेश के समान भौगोलिक परिस्थितियों वाले ज्योतिर्मठ क्षेत्र के सेब को अभी तक पहचान नहीं मिल पाई है। जबकि यहां का मौसम सेब के लिए बेहद मुफीद बताया जाता है। ज्योतिर्मठ में सीजन में एक हजार मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है। स्थानीय काश्तकारों ने क्षेत्र में 250 हेक्टेयर भूमि पर सेब फल पट्टी तैयार की है, लेकिन यहां के सेब की ब्रांड वैल्यू काफी पीछे है।

बदरीश एपल के नाम से ब्रांडिंग करने की योजना

विज्ञापन

सेब काश्तकार दीपक सयाना का कहना है कि यहां के सेब की ब्रांडिंग नहीं हो पाती है, जिससे यहां का सेब पहचान नहीं बना पाया है। गौर सिंह कुंवर का कहना है कि सेब की अच्छी पौध उपलब्ध नहीं होना और समय पर दवाएं न मिल पाना भी इसकी वजह है।

अब उत्तराखंड एपल फेडरेशन ने नई पहचान दिलाने की कवायद शुरू की है। फेडरेशन के राकेश भंडारी ने बताया कि ज्योतिर्मठ के सेब की बदरीश एपल के नाम से ब्रांडिंग करने की योजना है। सेब काश्तकारों को अच्छी प्रजाति की पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, साथ ही सेब की ग्रेडिंग की जाएगी।

ये भी पढ़ें...Uttarkashi Mosque Dispute:  समिति करेगी मस्जिद के दस्तावेजों की जांच...दूसरी तरफ आंदोलन की तैयारी में बजरंग दल

क्षेत्र में 250 हेक्टेयर में सेब की फल पट्टी है, जिसमें एक हजार मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है। विभाग की ओर से समय-समय पर सेब काश्तकारों को जागरूक किया जाता है। सेब की पैकिंग के लिए बॉक्स भी विभाग की ओर से उपलब्ध कराए जाते हैं। - सोमेश भंडारी, ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक ज्योतिर्मठ।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें