नारी निकेतन में संवासिनियों के शोषण मामले में अब न्यायिक जांच होगी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार देर शाम यह निर्णय लिया।
इसके बाद मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने उच्च न्यायालय नैनीताल के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर जांच के लिए सिटिंग या रिटायर्ड न्यायाधीश को नामित करने को कहा। मुख्यमंत्री हरीश रावत कई दिनों से कह रहे थे कि सरकार इस मामले में किसी भी जांच के लिए तैयार है।
रंग लाया भाजपा महिला मोर्चा का कूच
इससे पहले सोमवार को संवासिनियों के उत्पीड़न की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर भाजपा ने सीएम आवास कूच करने के साथ ही मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोला। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सीएम के मौन पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि अगर सरकार को थोड़ी भी शर्म है तो पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच कराए। ताकि सब कुछ साफ हो सके।
इनका कहना था कि मामले में असली गुनहगार को सरकार बचा रही है। इसके बाद ही मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को न्यायिक जांच कराने का आदेश दिया।
बता दें कि मामले की सीबीआई जांच को लेकर भाजपा महिला मोर्चा की प्रदर्शनकारी महिलाएं पिछले आठ दिन से गांधी पार्क के बाहर धरना और अनशन कर रही थीं, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी तो उन्हें सीएम आवास कूच का कड़ा फैसला लेना पड़ा।
भाजपा अध्यक्ष ने बोला हमला
नारी निकेतन के मामले में भाजपा की मांग सीबीआई जांच की थी। अब यदि सरकार न्यायिक जांच कराती है तो जांच अधिनियम के प्रावधानों के आधार पर अधिसूचना जारी होनी चाहिए। सरकार इस मामले में गुमराह कर रही है। सीएम खुद कहते रहे हैं कि वे किसी भी जांच को तैयार हैं, क्या जांच कराना विपक्ष का काम है। पहले घटना पर सरकार पर्दा डालती रही और अब चिट्ठी-चिट्ठी खेल रही है।
-अजय भट्ट, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष