केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। स्वास्थ्य के बजट में इस बार 27 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।
सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर की संख्या बढ़ाने के लिए प्रति वर्ष 5000 पोस्ट ग्रेजुएट सीटें बढ़ाई हैं। नड्डा ने उत्तराखंड सरकार पर केंद्र द्वारा दिए बजट को ठीक से खर्च न कर पाने के आरोप भी मढ़े हैं।
बृहस्पतिवार को भाजपा प्रांतीय मुख्यालय में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं प्रदेश चुनाव प्रभारी नड्डा ने कहा कि केंद्र का बजट पूरी तरह से गरीबों, किसानों, युवाओं और विकासोन्नमुख है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में वर्ष 2016-17 के लिए निर्धारित 37061.55 करोड़ रुपये के बजट को बढ़ाकर वर्ष 2017-18 में 47352.51 करोड़ रुपये किया गया है।
इसमें सुपर स्पेशिलिटी, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, मानव संसाधन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को मजबूत करने पर खास ख्याल रहेगा। नड्डा ने कहा कि केंद्र इस वित्त वर्ष में अब तक 73.25 प्रतिशत बजट खर्च कर चुका है।
शेष बजट भी जल्द खर्च कर लिया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र द्वारा दिए गए बजट का भी ठीक से उपयोग नहीं कर पा रही है। वर्ष 2016-17 में भारत सरकार ने उत्तराखंड को 266 करोड़ रुपये स्वास्थ्य सेवाओं के लिए देने का लक्ष्य रखा था। जिसकी पहली किश्त ही 139 करोड़ रुपये जारी की गई।
यह पैसा 91 दिन तक राज्य सरकार के कोष में पड़ा रहा। अब तक राज्य को स्वास्थ्य का बजट 204 करोड़ रुपये दे दिया गया है। गत दिसंबर अंत तक भी 179.60 करोड़ रुपये स्वास्थ्य का बजट राज्य के कोष में जमा था।
ऋषिकेश एम्स में निदेशक न होने के मसले पर उन्होंने कहा कि जल्द ही नया निदेशक नियुक्त कर दिया जाएगा। प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत, प्रदेश प्रवक्ता वीरेंद्र बिष्ट, मीडिया प्रभारी डॉ. देवेंद्र भसीन, सह मीडिया प्रभारी बलजीत सोनी आदि मौजूद रहे।