बहुचर्चित जेपी जोशी यौन शोषण प्रकरण में अपर सचिव जोशी पर आरोप लगाने वाली युवती आरोप वापस ले सकती है।
युवती वापस ले सकती है बयान
उसके बयान पर ही जेल में बंद जोशी की जमानत भी निर्भर करती है। सूत्रों की मानें तो युवती और जोशी में सहमति बन चुकी है।
हालांकि, आरोप वापस लेने पर युवती को सजा भी हो सकती है। मामले में दो जून को सुनवाई होनी है। ऐसे में युवती के अगले कदम पर निगाहें टिकी हुई हैं।
निलंबित अपर सचिव जेपी जोशी यौन शोषण में नया मोड़ आ गया है। जोशी और ब्लैकमेलिंग के आरोप में युवती करीब छह माह से जेल में बंद हैं।
समझौता कराने की कवायद
कई प्रयासों के बावजूद दोनों को जमानत नहीं मिल सकी है। ब्लैकमेलिंग के दूसरे आरोपी भी जमानत नहीं पा सके हैं। सूत्रों की मानें तो अब कुछ लोग जोशी और युवती के बीच समझौता कराने की कवायद में जुट गए हैं।
बताया जा रहा है कि आरोप वापस लेने के लिए युवती ने मौखिक तौर पर सहमति भी दे दी है।
सूत्रों के मुताबिक युवती को भरोसा दिलाया गया है कि जोशी के खिलाफ आरोप वापस लेने पर उसके खिलाफ चल रहे मामले का पूरा खर्चा उठाया जाएगा।
इसके अलावा उसे भी जल्द जेल से बाहर लाया जाएगा। उधर, कानून के जानकारों की मानें तो युवती ने यदि आरोप वापस लिया तो उसे जेल हो सकती है।
लेकिन यह अदालत पर निर्भर करेगा। अदालत चाहे तो युवती को बरी भी कर सकती है।