उन्होंने बताया कि रात 11:24 बजे सोबन सिंह ने राजीव के मोबाइल पर बात की। इसके बाद राजीव की गाड़ी बद्री तिराहा, तेखला पुल और अंत में रात 11:38 बजे गंगोरी पुल के सीसीटीवी कैमरे में गंगोरी की तरफ जाते हुए दिखी। इस दौरान भी गाड़ी में राजीव के अलावा कोई और नहीं था। गंगोरी पुल के बाद लगे एटीएम और पेट्रोल पंप के सीसीटीवी में राजीव का वाहन कहीं नहीं दिखा।
सोबन सिंह ने पुलिस को बताया कि उन्होंने राजीव को बहुत समझाया कि वो गाड़ी आगे न ले जाएं क्योंकि वो नशे में थे लेकिन राजीव ने उनकी बात नहीं मानी और यह कहकर चले गए कि वो थोड़ी दूर जाकर वापस आ जाएंगे। सोबन सिंह ने सोचा कि शायद वो अपनी बहन के घर कोट बंगला गए होंगे और वो उनके पीछे पैदल गए लेकिन राजीव नहीं मिले। यह सोचकर कि सुबह गाड़ी ले लेंगे सोबन सिंह अपने कमरे में वापस चले गए।
पुलिस का मानना है कि रात 11:40 बजे के आसपास राजीव का वाहन गंगोरी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यह बात साफ हो गई। उन्होंने कहा कि राजीव का शराब के नशे में होना, गाड़ी को गलत दिशा में चलाना, और गाड़ी चलाने का बहुत कम अभ्यास होना इस बात की पुष्टि करता है कि यह एक सड़क दुर्घटना थी। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच एसआई दिलमोहन बिष्ट कर रहे हैं।