एनटीपीसी ने बनाई थी पेयजल की योजना, फिलहाल ठंडे बस्ते में
डॉ. सिन्हा ने बताया कि जोशीमठ में करार के तहत एनटीपीसी को पेयजल लाइनें बिछानी थी। इसकी योजना बहुत पहले बना ली गई थीं, लेकिन बाद में कुछ बाधाएं आ जाने के बाद यह आगे नहीं बढ़ पाई।
जेपी कॉलोनी में सब स्टेशन में कोई दिक्कत नहीं
एक सवाल के जवाब में डॉ. सिन्हा ने कहा कि जेपी कॉलोनी स्थित पिटकुल के 66 केवी सब स्टेशन को लेकर कोई खतरा नहीं है। इस संबंध में पिटकुल की ओर से उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है।
सेना की तरफ से भी कोई डिमांड नहीं
डॉ. सिन्हा ने कहा कि जोशीमठ में डांडो वार्ड के ऊपर सैन्य क्षेत्र में भवनों में दरारें नहीं है। सैन्य की तरफ से भी नए क्षेत्र में विस्थापित किए जाने या किसी अन्य प्रकार की डिमांड नहीं की गई है। यदि किसी प्रकार की मांग की जाएगी तो उस पर विचार किया जाएगा।
ये भी पढ़ें...Joshimath Crisis: जोशीमठ आपदा से होटल, होम-स्टे कारोबार हाशिये पर, 75 फीसदी बुकिंग हुई रद्द, ऐसे हैं हालात
बदरीनाथ हाईवे का कोई विकल्प नहीं
एक सवाल के जवाब में डॉ. सिन्हा ने कहा कि बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का फिलहाल कोई विकल्प नहीं है। मार्ग में दरारें हैं और बीआरओ की ओर से उसे सुधारा जा रहा है। आगे की कार्रवाई के लिए तकनीकी संस्थाओं की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। बीआरओ रे हेलंग बाईपास को शीघ्र पूरा कराने की संभावनाओं को तलाशने के लिए कहा गया है।