जोशीमठ भू-धंसाव क्षेत्र में असुरक्षित और टूटने की स्थिति में पहुंचे मकानों को प्रशासन की ओर से सील किया जा रहा है। यहां 181 भवनों को असुरक्षित घोषित किया गया है।
भू-धंसाव से असुरक्षित हुए भवनों को प्रशासन की ओर से सील किया जा रहा है। कई परिवार अभी भी असुरक्षित भवनों में जा रहे हैं और उन परिवारों को इन भवनों का मुआवजा मिल गया है उन मकानों को ही सील किया जा रहा है। यहां जर्जर हो चुके सभी भवन सील किए जाएंगे। हालांकि बुधवार को राजस्व कर्मियों के दूसरी जगह जाने के चलते सील करने की कार्रवाई नहीं हो पाई है।
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जोशीमठ भू-धंसाव क्षेत्र में असुरक्षित और टूटने की स्थिति में पहुंचे मकानों को प्रशासन की ओर से सील किया जा रहा है। यहां 181 भवनों को असुरक्षित घोषित किया गया है। प्रभावित बार-बार इन दरारों वाले मकानों में जा रहे थे जिससे उन्हें यहां खतरा बना हुआ था।
उनकी सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल प्रशासन ने जिन लोगों को मकान का मुआवजा दे दिया है उनके मकानों को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। तहसीलदार रवि शाह ने बताया कि जो मकान जर्जर हैं, टूटने की स्थिति में हैं उनको सुरक्षा के लिहाज से सील किया जा रहा है।
जोशीमठ में जर्जर हो चुके सभी मकानों को सील लिया जाएगा। जो मकान ज्यादा क्षतिग्रस्त होगा उसे पहले सील करेंगे। सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अभी तक 12 परिवारों को 276.66 लाख रुपये का भुगतान किया है और इनमें से तीन भवनों को सील किया गया है। बुधवार को यह कार्य नहीं हो पाया।