माता-पिता बच्चों की पढ़ाई के लिए चिंतित
इन समस्याओं से जूझ रहे हैं लोग परी फाउंडेशन की फाउंडर एवं न्यूरो साइकोलॉजिस्ट डॉ. सोना कौशल गुप्ता ने बताया कि जोशीमठ के प्रभावित बच्चे, बड़े और बुजुर्ग सब परेशान हैं। बुजुर्गों को एंजायटी, सीजनल एफेक्टिव डिसऑर्डर (एसएडी) की समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है। यह सीजनल समस्या है। लेकिन, हर बार की अपेक्षा इस बार यह समस्या अधिक है। वहीं, माता-पिता बच्चों की पढ़ाई के लिए चिंतित हैं। बच्चे भी गुमसुम हो गए हैं। कुछ बच्चे अपने बोर्ड एग्जाम को लेकर परेशान हैं। प्रीबोर्ड में उनके नंबर कम आए हैं और अब उन्हें आगे के एग्जाम की चिंता हो रही है।
निराश न हों... रात के बाद दिन जरूर आता है
डॉ. सोना कहती हैं कि फोन पर लोगों की काउंसिलिंग की जा रही है। बच्चों को बताया जा रहा है कि तनाव भूलकर पढ़ाई पर ध्यान दें। प्रीबोर्ड ठीक नहीं गया तो कोई बात नहीं। मेन एग्जाम पर ध्यान दें। बुजुर्गों के लिए कहा जा रहा है कि किसी भी हाल में उन्हें अकेला न छोड़ें। उनके साथ बैठें और बातें करें। अगर लाइट नहीं है तो बुजुर्गों को अंधेरे में नहीं बल्कि रोशनी में रखें। जीवन में समस्याएं तो आती हैं लेकिन निराश न हों। क्योंकि, रात के बाद दिन जरूर आता है।