जोशीमठ के लिए सुखद खबर है। भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्र में नई दरारें दर्ज नहीं की गई हैं। जेपी नगर में पानी का रिसाव भी धीरे-धीरे कम हो रहा है। इधर, प्रशासन की ओर से आपदा प्रभावितों को मुआवजा राशि बांटने का काम जारी है।
इस संबंध मं शनिवार को सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा ने बताया कि जोशीमठ में दरार वाले भवनों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हुई है। अब तक कुल 863 दरार वाले भवन चिह्नित किए गए हैं। इनमें से असुरक्षित भवनों की संख्या 181 है। उन्होंने बताया कि इस दौरान आपदा प्रभावित 233 परिवारों को अग्रिम राहत के तौर पर 3.50 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की जा चुकी है। वहीं 105 प्रभावित किरायेदारों को 52.50 लाख रुपये की धनराशि राहत के तौर पर वितरित की गई है।
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डॉ. सिन्हा ने कहा कि जेपी नगर में पानी के रिसाव में भी कमी आई है। शुरूआत में निकलने वाले पानी का डिस्चार्ज 6 जनवरी को 540 एलपीएम था, जो वर्तमान में घटकर 170 एलपीएम पर आ गया है। उन्होंने बताया कि अस्थायी रूप से चिन्हित राहत शिविरों में जोशीमठ में कुल 2957 और पीपलकोटी में 2205 लोगों को ठहराने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि अब तक 248 परिवार सुरक्षा के दृष्टिगत अस्थायी रूप से विस्थापित किए गए हैं। विस्थापित परिवार के सदस्यों की संख्या 900 है। 41 प्रभावित परिवार रिश्तेदारों या किराए के घरों में चले गए हैं।