भू-धंसाव की चपेट में गोशाला
सिंहधार निवासी प्रभावित विश्वेश्वरी देवी ने बताया कि उनका मकान दरारों से टूट चुका है। प्रशासन ने उन्हें शिविर में ठहराया हुुआ है लेकिन उनके चार गाय-बछिया भी हैं जिनकी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हो पाए हैं। जबकि गोशाला भी भूधंसाव की चपेट में आ गई है। दिन तो जैसे-तैसे पशुओं की देखरेख हो पा रही है लेकिन रात को अगर कुछ हो गया तो, बेजुबान पशुओं को कौन बजाएगा। प्रभावित की दो दुधारू गाय और दो बछिया हैं।
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