फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Joshimath Is Sinking: जोशीमठ में बाजार दर पर दिया जाएगा मुआवजा, सीएम धामी ने कहा- अभी नहीं टूटेंगे घर

Wed, 11 Jan 2023 10:31 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जोशीमठ में सुरक्षा की दृष्टि से जिन परिवारों को शिफ्ट कराया जा रहा है, उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि प्रभावितों के विस्थापन के लिए उनके सुझावों के आधार पर इतनी बेहतर व्यवस्था की जाए कि जो पूरे देश के लिए नजीर बने।
विज्ञापन
जोशीमठ में सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नगरपालिका क्षेत्र जोशीमठ के भू-स्खलन एवं भू-धंसाव क्षेत्रों के प्रभावितों को बाजार दर पर मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही भू-धंसाव की जद में आ रहे भवन अभी नहीं तोड़े जाएंगे। बहुत जरूरी हुआ तो यह काम प्रभावितों की मंजूरी के बाद किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी घोषणा की है। 

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने कहा कि बाजार दर सभी हितधारकों के सुझाव लेकर तय की जाएगी। तात्कालिक तौर पर प्रति परिवार 1.50 लाख रुपये की अंतरिम सहायता दी जा रही है। इसके लिए करीब तीन हजार प्रभावित परिवारों के लिए 45 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रभावित लेगों के स्थायी विस्थापन की नीति तैयार होने से पहले एक लाख रुपये की अग्रिम धनराशि दी गई है। इसके अलावा सामान ढुलाई और अन्य जरूरतों के लिए एकमुश्त विशेष ग्रांट के रूप में 50 हजार रुपये दिए गए हैं। यह धनराशि उत्तराखंड राज्य आपदा प्राधिकरण की ओर से जारी की गई।
विज्ञापन


प्रभावित क्षेत्र में कुल खर्चे का पूरा आकलन कर सहायता राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं जोशीमठ प्रभावित क्षेत्र की सभी व्यवस्थाओं की अधिकारियों से नियमित रिपोर्ट ले रहे हैं। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी हर समस्या का शीघ्रता से निदान किया जाए।

विज्ञापन

जोशीमठ में ऐसी व्यवस्था करें, जो देश में नजीर बने 
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से जिन परिवारों को शिफ्ट कराया जा रहा है, उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि प्रभावितों के विस्थापन के लिए उनके सुझावों के आधार पर इतनी बेहतर व्यवस्था की जाए कि यह पूरे देश के लिए नजीर बने।    

ये भी पढ़ें...Joshimath Is Sinking: जोशीमठ में भू-धंसाव के बीच दो अच्छी खबर, पानी का रिसाव हुआ कम, नए घरों में नहीं दरारें

जोशीमठ के प्रभावित क्षेत्र में शासन के उच्चाधिकारी क्षेत्र में प्रभावितों से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुंदरम मौके पर प्रशासन के अधिकारियों के साथ सभी व्यवस्थाओं को देख रहे हैं। जोशीमठ के भू-स्खलन एवं भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्र में भूगर्भीय और अन्य आवश्यक जांचें संबंधित संस्थाओं की ओर की जा रही हैं। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की टीम भी मौके पर मौजूद है। - पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें